बिहार: जेडीयू ने दी बीजेपी को नसीहत- गलत बयानबाजी करने वाले नेताओं पर लगाम लगाए पार्टी

publiclivenews.in[Edited by DIVYA SACHAN]
भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के दूसरे दौर के गठबंधन की उम्र 27 जुलाई को 2 साल पूरे कर लेगी. लेकिन ऐसा लगता है कि दोनों दल एक दूसरे पर दबाव की राजनीति के तहत काम कर रहे हैं. कभी कभी दोनों दलों के नेताओं की तरफ से ऐसा बयान आता है जिससे लगता है गठबंधन की मजबूत दीवार में दरार पड़ने लगी है.

आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने बीजेपी और जेडीयू गठबंधन को बेमेल का गठबंधन बताया है. शिवानंद तिवारी ने कहा है कि, दोनों दलों के रिश्ते असहज हैं. पवन वर्मा के बयान का जिक्र करते हुए शिवानंद तिवारी ने कहा कि पवन वर्मा ने भी बीजेपी को साथ या अलग रहने को लेकर अभी से तय करने के लिए कहा है. बतौर शिवानंद तिवारी, पवन वर्मा का बयान रूटीन बयान नहीं होता है. वो जो कुछ बोलते हैं वो पार्टी की सहमति से ही बोलते हैं.

शिवानंद तिवारी के मुताबिक, नीतीश कुमार ने दोबारा कैबिनेट विस्तार किया लेकिन उसमें बीजेपी को जगह नहीं मिली. दरअसल जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा के ताजा बयान से जेडीयू बीजेपी के रिश्तों को अचानक असहज कर दिया है. पवन वर्मा ने बीजेपी नेतृत्व से कहा है कि वह बिहार में गठबंधन के खिलाफ बयानबाजी करने वाले अपने सांसद, केन्द्रीय मंत्री, विधायक, विधानपरिषद के सदस्य और पार्टी नेताओं पर लगाम लगाए.

उन्होंने कहा, ‘बीजेपी नेतृत्व ये साफ करे कि ऐसे बयान इन नेताओं के निजी हैं या पार्टी के नेतृत्व की सहमति से सब हो रहा है.’ जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी अपनी राय रखी है. राजीव रंजन ने कहा है कि, दोनों दलों का गठबंधन अटूट है. बिहार में लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों को जो जनादेश मिला है वो नीतीश कुमार और मोदी जी के अच्छे कामों का प्रतिफल है. राजीव रंजन के मुताबिक जब बीजेपी के कुछ नेता ऐसे बयान देते हैं तो इससे गठबंधन के लोग असहज महसूस करते हैं. जनता भ्रम का शिकार होती है.

राजीव रंजन ने कहा कि, इन्हीं बयानों से मर्माहत होकर पवन वर्मा ने अपनी राय रखी है. अच्छी बात है कि बीजेपी ने सच्चिदानंद राय से स्पष्टीकरण मांगा है. भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अजीत चौधरी के मुताबिक दोनों दलों का दिल और दिमाग एक तरीके से काम कर रहा है. कहीं कोई गलतफहमी है ही नहीं. हमने साथ साथ लोकसभा चुनाव लड़ा है और आगे भी ऐसा ही होगा.

जनता दल यूनाइटेड भारतीय जनता पार्टी के सबसे पुराने सहयोगियों में एक है. दोनों दलों ने केवल साथ मिलकर चुनाव लड़ा है बल्कि साथ साथ चुनाव लड़कर लालू यादव जैसे दिग्गज को भी सत्ता से बेदखल कर दिया है. लेकिन जिस तरह से बयान आते रहते हैं उससे वाकई जनता में भ्रम की स्थिति पैदा होती है. समय रहते इसे ठीक करना होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help