ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को इस नंबर पर करें कॉल, जानें बिल्डिंग वैध है या अवैध

publiclivenews.in[Edited by DIVYA SACHAN]
ग्रेटर नोएडा में फ्लैट या जमीन खरीदने जा रहे लोग बिल्डरों के धोखे में न फंसे, इसके लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने एक हेल्पलाइन शुरू की है. मकान खरीदने से पहले इस हेल्पलाइन पर फोन करके ये पता लगाया जा सकता है कि वो बिल्डिंग वैध है या अवैध. अथॉरिटी ने ये हेल्पलाइन शाहबेरी मामले के बाद शुरू की है. हेल्पलाइन का नंबर है 0120-2336033. दरअसल, ग्रेटर नोएडा के ही शाहबेरी में पिछले 9 दिनों से फ्लैट बायर्स धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि इनके फ्लैट्स को अवैध बताकर अथॉरिटी उस पर कार्रवाई करने की तैयारी में है.

धरने पर बैठे हैं फ्लैट बायर्स
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में पिछले 9 दिनों से फ्लैट बायर्स धरने पर बैठे हैं. इनका कहना है कि जिस बिल्डिंग्स में इन लोगों ने फ्लैट लिए हैं, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक वह अवैध रूप से कानूनों का उल्लंघन कर के बनायी गयी है और उन पर कार्रवाई की जा सकती है.

लोगों के पास है रजिस्ट्री
फ्लैट बायर्स का कहना है पिछले 3-4 साल से वह लोग यहां पर रह रहे हैं और उनके पास बाकायदा फ्लैटों की रजिस्ट्री भी है. इतना ही नहीं इन मकानों पर बैंक ने लोन भी दिया. इसके बावजूद अथॉरिटी इन फ्लैट्स को अवैध बताकर इन पर कार्रवाई करने की तैयारी करने जा रही है.

क्या कहती है अथॉरिटी
हांलाकि, दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि फ्लैट की रजिस्ट्री करवा लेना इस बात की गारंटी नहीं होता कि वो बिल्डिंग वैध है. अथॉरिटी के मुताबिक, शाहबेरी में ऐसी 431 बिल्डिंग्स हैं, जो अवैध रूप से नियमों को ताक पर रख कर बनाई गई हैं. इनमें से 423 बिल्डिंग्स रिहायशी और 8 कमर्शियल हैं. पिछले साल जुलाई के महीने में ही शाहबेरी में दो बहुमंज़िला इमारतें गिर गयी थी, जिसमें 9 लोगों की मौत भी हो गई थी, उस हादसे के बाद से ही यहां बिना अनुमति निर्माण पर रोक लगा दी गयी थी.

सीएम ने लिया था संज्ञान
अथॉरिटी एक एजेंसी से शाहबेरी में बनी बिल्डिंग्स की जांच करवाने जा रही है साथ ही जो बिल्डिंग्स खतरनाक पाई जाएंगी उनको चिन्हित करके उन पर खतरनाक बिल्डिंग का बोर्ड लगाया जाएगा. आपको बता दें कि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा और शाहबेरी के मामलों को लेकर एक मीटिंग की थी और अवैध रूप से बिल्डिंग बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये थे.

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