‘उन्‍नाव रेप पीड़िता चाहे तो हम एयरलिफ्ट का आदेश दे सकते हैं’ | जानें SC के फैसले की खास बातें

publiclivenews.in[Edited by DIVYA SACHAN]
सुप्रीम कोर्ट ने आज (1 अगस्‍त) उन्‍नाव रेप केस की सुनवाई की. सीजेआई रंजन गोगोई ने इस दौरान कई अहम आदेश दिए. सीजेआई ने उन्‍नाव रेप केस से जुड़े सभी 5 मामलों को यूपी से दिल्‍ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया. साथ ही यह भी कहा कि अगर रेप पीड़िता चाहे तो हम उसे इलाज के लिए लखनऊ से दिल्‍ली एयरलिफ्ट करने का आदेश दे सकते हैं. जानिये सुप्रीम कोर्ट में आज हुई सुनवाई की अहम बातें…

1. सुप्रीम कोर्ट ने उन्‍नाव रेप केस से संबंधित सभी पांच मामलों को यूपी से दिल्‍ली ट्रांसफर करने के आदेश दिए. ये पांच मामले इस प्रकार हैं. पहला मामला- पीड़िता से रेप, दूसरा मामला- पीड़िता से गैंगरेप, तीसरा मामला- पीड़िता के पिता की झूठे केस में गिरफ्तारी और पिटाई. चौथा मामला- पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत. पांचवां मामला-रोड एक्सिडेंट.

2. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्‍ली में एक विशेष जज मामले की रोजाना सुनवाई करेगा. साथ ही इस मामले का ट्रायल 45 दिन में पूरा करेगा.

3. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सड़क दुर्घटना की जांच को 7 दिन में पूरा करने का आदेश दिया है.

4. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया कि पीडि़ता को 25 लाख रुपये मुआवजा भी दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता और गवाह को सीआरपीएफ सुरक्षा प्रदान करने का भी आदेश दिया.

5. सुप्रीम कोर्ट को लखनऊ के केजीएमयू अस्‍पताल की ओर से बताया गया कि पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया जा सकता है. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता का परिवार अगर चाहे तो पीड़िता को एयर लिफ्ट किया जा सकता है. पीड़िता के वकील को भी एयर लिफ्ट किया सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर पीड़िता परिवार चाहे तो हम एयर लिफ्ट करने का आदेश दे सकते हैं.

6. सुबह सुनवाई के दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने उन्‍नाव रेप केस और ट्रक-कार एक्‍सीडेंट मामले की जांच प्रगति रिपोर्ट सीबीआई से तलब की थी. सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को दोपहर 12 बजे तक कोर्ट में तलब किया था. इस पर सीबीआई की ज्‍वाइंट कमिश्‍नर संपत मीणा सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं. दोपहर में मामले की सुनवाई दोबारा शुरू करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि एजेंसी उन्‍नाव रेप पीडि़ता और अन्‍य के सड़क दुर्घटना मामले में अपनी जांच 7 दिन के अंदर पूरी करे. जबकि सॉलिसिटर जनरल की ओर से जांच के लिए 30 दिन का वक्‍त मांगा गया था. सीजेआई ने इससे इनकार कर दिया. सीजेआई ने कहा कि मामले की जांच 7 दिन में ही पूरी की जाए.

7. सुप्रीम कोर्ट को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि संबंधित मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी गई है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सीबीआई अधिकारी को तलब किया. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को कहा कि अगर वो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करना चाहते तो वे बंद कमरे में उक्त मामले की सुनवाई कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help