‘जो लोग ऐसा सोच रहे हैं कि शिवसेना-BJP में गठबंधन नहीं होने वाले, उन्हें निराशा हाथ लेगेगी’

publiclivenews.in[edited by divya sachan]
महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections 2019) में बीजेपी और शिवसेना के बीच सीट बंटवारे का पेंच अभी भी फंसा नजर आ रहा है. बता दें कि दोनों पार्टियों के बीच राज्य की 288 सीटों में से शिवसेना बीजेपी के सामने अभी तक 50-50 के फॉर्मूले की शर्त रखती आई है. लेकिन अब खबर है कि 10 सीटों को लेकर दोनों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है. ऐसे में सीटों पर समझौता न होना दोनों ही पार्टियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि 21 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में एक महीने से भी कम का समय बचा है.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल से मंगलवार को जब बीजेपी शिवसेना गठबंधन के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘गठबंधन पर बातचीत आखिरी स्तर पर है.जो लोग ऐसा समझ रहे हैं कि गठबंधन नहीं हो रहा है वे निराश होने वाले हैं.’

महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, ‘मुझे पूरी विश्वास है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में हम 220 सीटें जीतेंगे.’

इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने इस मुद्दे पर कहा, ”इतना बड़ा महाराष्‍ट्र है, ये जो 288 सीटों का बंटवारा है ये भारत-पाकिस्‍तान के बंटवारे से भी भयंकर है. यदि हम सत्‍ता में ना होकर विपक्ष में होते तो आज की तस्‍वीर कुछ अलग होती. सीटों के बंटवारे को लेकर जो भी फैसला होगा, वो आपको बता दिया जाएगा.”

फिफ्टी- फिफ्टी फॉर्मूले की शर्त
288 विधानसभा सीटों वाले महाराष्‍ट्र में शिवसेना अब तक बीजेपी के सामने चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर फिफ्टी- फिफ्टी फॉर्मूले की शर्त रखती आई है. बीजेपी इस फॉर्मूले पर सहमत नहीं है क्‍योंकि पिछली बार उसको अकेले अपने दम पर 122 सीटें मिली थीं. बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए उसने सभी 288 विधानसभा क्षेत्र में इच्‍छुक उम्मीदवारों के इंटरव्‍यू भी शुरू कर दिये थे. शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नागपुर सीट पर भी शिवसेना के इच्छुक उम्मीदवारों का भी इंटरव्यू लेना शुरू कर दिया था. बीजेपी भी सभी 288 सभी सीट के लिए उम्मीदवारों के चयन में जुट गई थी. हालांकि शुरुआती तनातनी के बाद शिवसेना और बीजेपी के बीच गठबंधन को लेकर तो सहमति बन गई लेकिन सीटों को लेकर पेंच अभी भी फंसा हुआ है.

महाराष्‍ट्र: 155-165 सीटों पर लड़ सकती है BJP, क्‍या शिवेसना बनेगी जूनियर पार्टनर?

दबाव की रणनीति
महाराष्ट्र में बीजेपी की सियासी ताकत इन दिनों खासी बढ़ी है. सूबे में सीएम देवेंद्र फडणवीस प्रदेश की यात्रा पूरी कर पार्टी में पहले ही जान फूंक चुके हैं. रही सही कसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने नासिक और मुंबई में रैलियां आयोजित कर महाराष्ट्र की सियासत में बीजेपी के ‘कमल’ का रंग और चटक कर गये हैं.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के साथ ही होगा सतारा लोकसभा सीट का उपचुनाव

पार्टी, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने, दुनियाभर में भारत के बढ़ते कद और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर विपक्ष को घेरकर सूबे में बीजेपी ने अपनी ताकत को और बढ़ा लिया है. उधर शिवसेना ने अपने युवा चेहरे आदित्य ठाकरे को सूबे की सियासत में उतारने के लिये यात्रा का आयोजन कर पार्टी में नई जान फूंकने की कोशिश की है. शिवसेना ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर और नये मोटर व्‍हीकल एक्ट जैसे मुद्दों को हाल के दिनों में हवा देकर सहयोगी बीजेपी पर खासा दबाव भी बढ़ाया है.

दलगत स्थिति
महाराष्ट्र की विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं. सूबे की विधानसभा में मौजूदा फिल्हाल दलीय स्थिति इस तरह है
कुल सीट – 288
बीजेपी – 122
शिवसेना– 63
कांग्रेस – 42
एनसीपी– 41
अन्य-20

अन्य में एआईएमआईएम, समाजवादी पार्टी, बहुजन विकास आघाडी और निर्दलीय हैं. हालांकि कई कांग्रेस और एनसीपी विधायक हाल में पार्टी छोड़ बीजेपी और शिवसेना में शामिल हो चुके हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help