भारत और विश्व को गांधी की आवश्यकता क्यों है?

publiclivenews.in [edited by Pragya Simoniya]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर न्यूयॉर्क टाइम्स में एक लेख लिखा है. इस लेख में पीएम मोदी ने लिखा है कि 1925 में महात्मा गांधी ने यंग इंडिया में लिखा कि राष्ट्रवादी हुए बिना अंतरराष्ट्रीय नहीं हुआ जा सकता. अंतराष्ट्रीय स्तर पर तभी पहचान बनाई जा सकती है, जब देश के लोग संगठित हो और पूरा देश एक व्यक्ति की तरह से काम करे. इस लेख का शीर्षक है ‘भारत और विश्व को गांधी की आवश्यकता क्यों है?’

इस लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा है कि महात्मा गांधी का राष्ट्रवाद संकीर्ण नहीं था, बल्कि मानवता की सेवा के लिए था. उन्‍होंने लिखा कि बापू से गरीबों के लिए काम करने की प्रेरणा मिली. महात्‍मा गांधी ने समाज के हर वर्ग में भरोसा जताया. बापू में विरोधी विचारों को भी साथ लाने की क्षमता थी.

उन्‍होंने लिखा, आइए हम अपनी दुनिया को समृद्ध, नफरत, हिंसा और पीड़ा से मुक्त बनाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करें और महात्मा गांधी के सपने को पूरा करेंगे. पीएम ने कहा, सच्चा मानव वो है, जो दूसरों का दर्द महसूस करता है.

पीएम मोदी ने लिखा, हम भारत में अपना काम कर रहे हैं. गरीबी को खत्म करने में भारत सबसे तेज है. हमारे स्वच्छता प्रयासों ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है. भारत अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसे प्रयासों के माध्यम से नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग करने का भी नेतृत्व कर रहा है, जो स्थायी भविष्य के लिए सौर ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए कई देशों को एक साथ लाया है. हम दुनिया के साथ और दुनिया के लिए और भी कुछ करना चाहते हैं.

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