बुकर पुरस्‍कार से संयुक्‍त रूप से सम्मानित हुई मार्गरेट एटवुड और बर्नांडीन एवारिस्‍टो

publiclivenews.in [edited by Pragya Simoniya]
साहित्‍य के जगत में प्रतिष्ठित बुकर पुरस्‍कार की घोषणा हो गई है. 2019 के लिए ये अंतरराष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रसिद्ध लेखिका मार्गरेट एटवुड और बर्नांडीन एवारिस्‍टो को सामूहिक रूप से मिला है. मार्गरेट एटवुड के उपन्‍यास ‘द टेस्‍टामेंट्स’ और बर्नांडीन की पुस्‍तक ‘गर्ल, वुमन, अदर’ को ये पुरस्‍कार सामूहिक रूप से मिला है. ज्‍यूरी ने अपनी परंपरा को तोड़ते हुए इस बार ये पुरस्‍कार सामूहिक रूप से दिया है. इसके साथ ही इस बार सबसे वृद्ध और पहली अश्‍वेत महिला को पुरस्‍कार देने का रिकॉर्ड भी बना है.

मार्गरेट एटवुड (79) को इससे पहले वर्ष 2000 में ‘द ब्‍लाइंड असैसिन’ के लिए बुकर पुरस्‍कार मिल चुका है. उनकी नई किताब ‘द टेस्‍टामेंट्स’ पिछले महीने रिलीज हुई है. इसको इस कनाडाई लेखिका की 1985 में प्रकाशित उपन्‍यास ‘द हैंडमेड्स टेल’ का सीक्‍वल कहा जा रहा है. एवारिस्‍टो यह पुरस्‍कार जीतने वाली पहली अश्‍वेत महिला हैं. उन्‍होंने अपने नॉवेल ‘गर्ल, वुमन और अदर’ में 19 से लेकर 93 साल तक की ब्रिटेन में रहने वाली प्रमुखतया 12 अश्‍वेत महिला किरदारों की कहानियों को बुना है.

हालांकि पहले सामूहिक रूप से बुकर देने का चलन रहा है और इससे पहले पहले दो बार सामूहिक विजेताओं को चुना गया था लेकिन 1993 में ये नियम बनाया गया कि केवल एक लेखक को ही विजेता के रूप में घोषित किया जाएगा. इस नियम को तोड़ते हुए ज्‍यूरी ने कहा कि जिन छह किताबों में इन दोनों उपन्‍यासों को चुना गया, उनमें से किसी एक को विजेता घोषित करना संभव नहीं था. इसलिए दोनों ही लेखिकाओं को ये पुरस्‍कार दिया जाता है.

इसके तहत बुकर पुरस्‍कार की 50 हजार पौंड (करीब 63 हजार डॉलर) की धनराशि विजेताओं में बराबर बांटी जाएगी. पुरस्‍कार को स्‍वीकार करते हुए मार्गरेट एटवुड ने अपने भाषण में कहा कि हम दोनों को ही ये पुरस्‍कार जीतने की उम्‍मीद नहीं थी.

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