सांसद ने अपचारी बच्चों की पिटाई के मामले में कलेक्टर से जांच करने का दिया आदेश

publiclivenews.in [edited by Pragya Simoniya]
सिविल लाइन टीआई रीता सिंह ने कहा कि मैं सादी वर्दी में गई थी। मगर बच्चों को नहीं मारा। दमोह से आये किशोर न्याय वोर्ड के सदस्य सुधीर जैन ने कहा बच्चों ने बताया कि उनके साथ मारपीट हुई। सामाजिक कार्यकर्ता ओंकार सिंह ने हाईकोर्ट से अपचारी बच्चों की मारपीट की जांच करवाने पत्र लिखा

सवाल ये है कि बाल संरक्षण गृह के अंदर नशा करने वाला साल्युसन कहां के आता है । कैसे ये भीतर जाता है और बच्चे इसे कैसे चुराने का प्रयास करते हैं इस बात का भी पता लगाया जाना चाहिए ।

सागर के बाल संप्रेषणगृृह में सात अपचारी बच्चों के साथ सिविल लाइन पुलिस द्वारा की गई पिटाई की घटना पर सागर के सांसद राजबहादुर ने सागर कलेक्टर प्रीति मैथिल से स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग की हैै । उन्होंने इस दौरान बाल संप्रेषण गृह की अधीक्षिका सुभाषिनी राम को काम से हटाने के लिए भी कहा है । पांच विंदुओं पर जांच के निर्देश दिये है । इधर दमोह किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य सुधीर जैन ने बच्चों और अधीक्षिका से बात की जिसमें बच्चों ने मारपीट होनी की साफ साफ बात रही है मगर अधीक्षिका का कहना है कि बच्चे नशे के लिए साल्युशन चुराने के प्रयास में आपस में लड़ रहे थे । इस मामले में सिविल लाइऩ पुलिस का कहना है कि वे एडीजे के निर्देश पर वहां गए थे और उऩ्होंने बच्चोंको केवल समझाया है । मामले की जांच के लिए सामाजिक कार्यकर्ता ओंकार सिंह ने हाईकोर्ट को पत्र लिखा है।

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