सुप्रीम कोर्ट ने कहा-मजदूरों के पलायन का मंजर कोरोना से भी गंभीर

कोरोना वायरस पीड़ितो की तादाद दुनिया के साथ ही लगातार देश में भी बढ़ती जा रही है। भारत में 1100 से अधिक लोग इस घातक वायरस की चपेट में आ चुके हैं और देश की राजधानी में यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने इससे निपटने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन की घोषणा की है पर इस दौरान मजदूरों का अपने घर के लिए लगातार पलायन जारी है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप से उत्पन्न दहशत और लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में कामगारों के शहरों से अपने पैतृक गांवों की ओर पलायन की स्थिति से निबटने के उपायों पर केन्द्र से स्थिति रिपोर्ट मांगी है।

कोरोना से भी भयावह स्थिति : प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने इस मामले की वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से सुनवाई के दौरान कहा कि दहशत और भय की वजह से बहुत संख्या में कामगारों का पलायन कोरोना वायरस से कहीं ज्यादा बड़ी समस्या बन रहा है।

वह इस स्थिति से निबटने के लिये सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बीच कोई निर्देश देकर भ्रम पैदा नहीं करना चाहती।इस बीच, विभिन्न राज्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य राज्यों से लगती सीमाओं को सील किए जाने का दावा किया है।

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