ये कैसी मजबूरी, मोटरसाइकिल पर ले जाना पड़ा पिता को बेटे का शव

मध्य प्रदेश में कोरोना संकट में ऐसी बहुत सी तस्वीरें सामने आ रही है जो शासन प्रशासन की अव्यवस्थाओं की पोल रही है। एक ऐसी ही तस्वीर छतरपुर जिला अस्पताल में देखने को मिली जो मानवता को तार तार करने वाली है। जहां एक 10 वर्षीय बच्चे के शव को पिता द्वारा बाईक पर ले जाना पड़ा। घटना जिले के बिजावर ग्राम पंचायत रगोली अंतर्गत मोटे के पुरवा गांव की है।10 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। इस मामले में घोर लापरवाही तब देखने को मिली जब परिजनों को घंटों शव वाहन का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद परिजनों को मजबूरीवश शव को बाईक से ही ले जाना पड़ा।

बता दें कि मोटे के पुरवा तालाब में 10 वर्षीय बालक प्रवेश राजपूत पिता तुलसी राजपूत अपनी भैंस को पानी पिलाने के लिए तालाब ले गया था।भैंस तालाब के अंदर चली गई तो वह तालाब में उसे लौटाने के लिए अंदर गया। तालाब में गहरा गड्ढा होने के कारण बालक का पैर फिसल गाया और वह डूब गया ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बालक को तालाब से निकाला और जिला अस्पताल ले गए। जहां लंबे इंतजार के बाद डाक्टर ने देखा और उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद परिजनों ने शव वाहन की मांग की तो कई घंटे इंतजार करने के बावजूद भी वाहन उपलब्ध न हो सका। तो वहीं मजबूरन एक पिता को खुद अपने बेटे का शव मोटर साईकिल पर रखकर घर ले जाना पड़ा। इससे अस्पताल और जिला प्रशासन की मानवता को तार-तार कर देने वाली बड़ी लापरवाही सामने आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help