कोरोना के मरीजों में सूंघने की क्षमता क्यों हो जाती है खत्म? वैज्ञानिकों ने तलाशी वजह

कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है. अब तक इस वायरस की चेपट में आकर लाखों लोगों की जान चुकी है. आमतौर पर कोविड-19 (Covid-19) और सामान्य फ्लू के बीच अंतर करना मुश्किल होता है. कोरोना वायरस के लक्षण (Symptoms of Coronavirus) भी आम फ्लू की तरह बुखार और सूखी खांसी होती है. लेकिन दुनिया भर में देखा जा रहा है कि कोरोना के मरीजों की सूंघने की क्षमता (Sense of Smell) भी खत्म हो जाती है. जबकि बाकी कोई लक्षण ऐसे मरीजों में नहीं दिखता है. आखिर ऐसा क्यों हो रहा इसे लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिक और डॉक्टर रिसर्च कर रहे हैं. इस बीच अमेरिका के जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के कुछ वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने इस बात का पता लगा लिया है कि आखिर क्यों लोगों में सूंघने की क्षमता भी खत्म हो जाती है.

रिसर्च में क्या पता चला?
शोधकर्ताओं ने पाया कि नाक का जो हिस्सा सूंघने में मदद करता है, वहां एंजियोटेनसिन (angiotensin-converting enzyme II (ACE-2) का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है. आमतौर पर इस एंजाइम को कोरोना संक्रमण का एंट्री प्वाइंट’ माना जाता है. यहां से ही कोरोनो वायरस शरीर की कोशिकाओं में जाकर संक्रमण फैलाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि एंजियोटेनसिन का लेवल इस जगह बाकी हिस्सों के मुकाबले 200 से 700 गुना बढ़ जाता है.

ऐसे किया गया रिसर्चरिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने नाक के पिछले हिस्से से 23 मरीजों के सैंपल लिए. ये सैंपल मुख्य तौर पर नाक के उस हिस्से से लिया गया, जिसे इंडोस्कोपिक सर्जरी के दौरान हटाया जाता है. ये सारे मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं थे. इसके बाद कुछ सैंपल कोरोना संक्रमित मरीजों के भी लिए गए. दोनों को तुलना करने के बाद पता चला कि जो लोग कोरोन से संक्रमित हैं उनमें एंजियोटेनसिन का स्तर 200 से 700 गुना ज्यादा है.

रिसर्च के फायदे
डॉक्टर लेन का कहना है कि अब तक के रिसर्च से ये पता चला है कि नाक के इसी हिस्से से कोरोना वायरस की एंट्री शरीर के दूसरे हिस्से में होती है. प्रोफेसर लेन ने कहा, ‘अब हम लैब में अधिक प्रयोग कर रहे हैं ये देखने के लिए कि क्या वायरस वास्तव में इन कोशिकाओं का उपयोग शरीर तक पहुंचने और संक्रमित करने के लिए कर रहा है. अगर ऐसा है, तो हम एंटीवायरल थेरेपी के जरिए से संक्रमण से निपटने में सक्षम हो सकते हैं’

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