चीनी ड्रोन्स से कश्मीर में आतंकी हमले की साजिश

जम्मू: पाकिस्तान पंजाब से लेकर जम्मू कश्मीर ( Kashmir) तक चीन के बने ड्रोन्स (Chinese drones) के जरिये भारत में हथियारों की सप्लाई कर कर रहा है. इसके साथ ही भारतीय सुरक्षा बलों को इन्हीं ड्रोन्स के जरिये निशाना बनाने की साजिश का भी खुलासा हुआ है.

भारत में हमलों की पाकिस्तान-चीन की साजिश

मिली जानकारी के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने सरकार को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान की सेना और ISI ने चीनी ड्रोन्स जिन्हें हेक्साकॉप्टर भी कहा जाता है, की मदद से भारत मे आतंकी साजिश का प्लान तैयार किया है.

आतंकियों की कमी से आईएसआई परेशान
जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ महीनों से जारी ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ में बड़ी संख्या में आतंकियों के कमांडर और 200 के करीब आतंकी मारे जा चुके हैं. हाल ही में हिजबुल कमांडर रियाज नायकू और डॉक्टर सैफुल्लाह ढेर होने से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बेहद परेशान है.

आतंकियों के पास हथियारों की कमी
जम्मू कश्मीर में मौजूद ज्यादातर आतंकियो के पास हथियारों की भारी कमी है. ऐसे में आतंकियों को हथियारों की सप्लाई करने के साथ-साथ घाटी में लाइन ऑफ कंट्रोल के रास्ते बड़ी संख्या में आतंकियों को घुसपैठ कराने की साजिश रची जा रही हैं. लेकिन भारतीय सेना की काउंटर इनसर्जेंसी (Counter Insurgency)  और काउंटर टेरर (Counter Terror) ग्रिड के चलते आतंकी भारत मे दाखिल होने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं.

लॉन्चिंग पैड पर आतंकियों का जमावड़ा
खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में इस बात का  अंदेशा जताया गया है कि लॉन्चिंग पैड पर आतंकियों का भारी जमावड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक लाइन ऑफ कंट्रोल पर बने इन लॉन्चिंग पैड पर 380 के करीब आतंकी जमा हैं. जिनमे से कुछ पाकिस्तानी सेना के कैंपो में भी है.

घुसपैठ के लिए ड्रोन से की जा रही है रेकी
खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान ड्रोन का सहारा ले रहा है . इनमें लगे हाई रेजोल्यूशन कैमरे के जरिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों पर नजर रखी जा रही है. इन कैमरों के जरिये पाकिस्तानी सेना ये पता लगाती है कि LoC पर किन किन जगहों में गैप है और उसके बाद ऐसे गैप का पता चलते ही आतंकियो को इन्ही रास्तों के जरिये घुसपैठ करने को कहा जाता है.

भारतीय सेना एंटी ड्रोन तकनीक पर काम शुरू किया
पाकिस्तान से ड्रोन्स के इन खतरों से निपटने के लिए सेना ने भी एंटी ड्रोन्स टेक्नोलॉजी पर काम शुरू कर दिया है. लाइन ऑफ कन्ट्रोल पर इन ड्रोन्स के खतरों से निपटने के लिए अब जवानों और अफसरों को खास तरीके के कोर्स कराए जा रहे है. पिछले कुछ सालों में पंजाब से लेकर जम्मू तक पाकिस्तान से सटे इलाकों में ड्रोन्स की मदद से हथियारों के साथ साथ ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है. 

ड्रग्स और हथियारों की सप्लाई जारी
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की आईएसआई खालिस्तानी आतंकियो की मदद से जहां पंजाब में ड्रग्स और हथियारों की सप्लाई करने इनपुट मिले है. वहीं जम्मू में भी आतंकियो की मदद के लिए हथियारों की सप्लाई करने के मामले सामने आए हैं.

ड्रोन से बम अटैक भी संभव
चीनी ड्रोन्स अपने साथ 4-5 किलोग्राम वजन तक समान लेकर करीब दो किलोमीटर तक जा सकते है. ये ड्रोन्स अपने साथ हथियार और बम भी ले जा सकते है. सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ऐसे ड्रोन्स की मदद से सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा बलों पर बम से भी हमला कर सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help