सुबह हो रही थी उल्टी, कुछ देर बाद जीता गोल्ड:भोपाल के स्टार शूटर ऐश्वर्य प्रताप बोले- नर्वस होने की वजह से हुई उल्टी, कोच ने कहा शुभ संकेत हैं, तुम जरूर मेडल जीतोगे

नई दिल्ली

मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले स्टार शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने दिल्ली में चल रहे ISSF शूटिंग वर्ल्डकप में गोल्ड मेडल जीता। वे 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में टॉप पर रहे। मेडल जीतने के बाद ऐश्वर्य ने भास्कर से बातचीत में कहा कि उन्हें सुबह से उल्टी हो रही थी। कोच सुमा शिरुर को भी उन्होंने इस बारे में बताया। कोच इस पर हंसी और कहा कि यह शुभ संकेत हैं, तुम जरूर मेडल जीतोगे। इससे उनके अंदर आत्मविश्वास आया और फाइनल में अपना बेस्ट दिया। भास्कर से ऐश्वर्य की बातचीत के कुछ अंश…

आपके लिए यह वर्ल्ड कप कितना महत्वपूर्ण है?
यह सीनियर वर्ल्ड कप में मेरा पहला गोल्ड है। इससे पहले 2019 दोहा वर्ल्ड कप में मैं ब्रॉन्ज मेडल जीत पाया था। गोल्ड जीतकर अच्छा लग रहा है। मैं पहले जूनियर वर्ल्ड कप में मेडल जीत चुका हूं, पर यह अलग अहसास है। मुझे 50मी राइफल थ्री पोजिशन में खड़े होकर शूट करना सबसे ज्यादा पसंद है। यही मेरी मजबूती है। वैसे मैं तीनों पोजिशन यानी खड़े होकर, बैठकर और लेटकर भी शूट करने में सक्षम हूं।

कोच सुमा शिरुर (दाएं) के साथ ऐश्वर्य प्रताप सिंह।

कोच सुमा शिरुर (दाएं) के साथ ऐश्वर्य प्रताप सिंह।

क्या फाइनल से पहले आप नवर्स थे? कैसे इस पर काबू पाया?
हां, मैं नर्वस था। इस वजह से मुझे उल्टी भी हो रही थी। जब मैंने यह बात कोच सुमा शिरुर को बताया, तो उन्होंने कहा कि यह शुभ संकेत हैं। तुम बेहतर प्रदर्शन करोगे। इसके बाद मुझे आत्मविश्वास मिला। फाइनल में वर्ल्ड के टॉप रैंकिंग के शूटर की मौजूदगी से मैं परेशान नहीं था। फाइनल में जो भी पहुंचे थे, सभी एक लेवल के थे। मैं फाइनल में अपना बेस्ट देना चाहता था और मैंने यही किया।

क्वालिफिकेशन राउंड में आपका स्कोर बेहतर नहीं था। क्या कारण रहा?
बीच-बीच में बारिश हो रही थी और हवा भी चल रही थी। इस परिस्थिति में शूटिंग करना मेरे लिए नया था। इसके बाद कोच सुमा शिरुर ने मुझसे कहा कि परिस्थितियों से निपटना सीखो और फाइनल में और बेहतर प्रदर्शन करो। कोच ने कहा कि सिर्फ तुम्हारे लिए नहीं, सबके लिए परिस्थितियां एक समान हैं।

लॉकडाउन के दौरान आपने कैसे तैयारी की?
मैं मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी में प्रैक्टिस करता हूं। लॉकडाउन के दौरान मैं अपने घर चला गया था और मानव रचना एकेडमी की मदद से अपने फिटनेस पर फोकस किया। गोली और राइफल भी मेरे पास नहीं थे। राज्य की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने स्पेशल परमिशन की वजह से मुझे राइफल मिला। मैंने ड्राई ट्रेनिंग की। लॉकडाउन के बाद जैसे ही स्थिति सामान्य हुई और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की ओर से प्रैक्टिस की अनुमति मिली, तो मैंने एकेडमी में आकर प्रैक्टिस शुरू कर दी। वर्ल्ड कप और ओलिंपिक की तैयारी में दिक्कत न हो, इसलिए मैंने नए इक्वीपमेंट भी मंगवाए।

मध्य प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के साथ ऐश्वर्य प्रताप सिंह (बाएं)

मध्य प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के साथ ऐश्वर्य प्रताप सिंह (बाएं)

आपने शूटिंग किससे प्रेरित होकर जॉइन की?
मैं अपने चचेरे भाई नवदीप सिंह राठौड़ से प्रेरित होकर शूटिंग जॉइन की। वे भी शूटर हैं। उन्होंने ही मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी में एडमिशन कराया। 2015 से मैं वहीं अभ्यास कर रहा हूं। पहले साल मेरा चयन नेशनल्स के लिए हुआ, लेकिन मैं डिसक्वालिफाई हो गया। मुझे इसके बाद नेशनल्स के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ा। 2016 में नेशनल चैम्पियनशिप में जीत हासिल की। 2017-18 मेरे लिए ज्यादा बेहतर नहीं रहा। 2019 में जूनियर टीम में सिलेक्शन हुआ। वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल जीते। फिर सीनियर के टॉप-5 में पहुंच गया।

20 साल के ऐश्वर्य ने फाइनल में 462.5 का स्कोर बनाया
20 साल के ऐश्वर्य ने शूटिंग वर्ल्ड कप के फाइनल में 462.5 का स्कोर बनाया। वहीं, हंगरी के स्टार राइफलमैन इस्तवान पेनी 461.6 पॉइंट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। डेनमार्क के स्टीफन ओलसन 450.9 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इस इवेंट के फाइनल में इन तीनों के अलावा फिनलैंड के अलेस्कि लेप्पा और जूहो कुर्की और स्विट्जरलैंड के जेन लोचबिहलर जगह बना पाए। भारत के दिग्गज शूटर संजीव राजपूत अंतिम-5 में जगह नहीं बना सके।

ऐश्वर्य ने 2019 में हुए एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में 50मी राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। इस जीत के साथ उन्होंने ओलिंपिक कोटा हासिल किया था।

ऐश्वर्य ने 2019 में हुए एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में 50मी राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। इस जीत के साथ उन्होंने ओलिंपिक कोटा हासिल किया था।

क्या होता है 50मी राइफल थ्री पोजिशन इवेंट?
50मी राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में घुटना टेककर, लेटकर और खड़ा होकर पुरुषों को 45-45 राउंड फायरिंग करनी होती है, जबकि महिलाओं को 20-20 राउंड।

भारत 9 गोल्ड समेत 18 मेडल्स के साथ टॉप पर
भारत ने अब तक टूर्नामेंट में 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज समेत कुल 18 मेडल जीते हैं। टीम इंडिया टूर्नामेंट में फिलहाल मेडल्स टैली में टॉप पर है। वहीं, USA दूसरे नंबर और कजाकिस्तान तीसरे नंबर पर है।

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