कमलनाथ के गढ़ में बरसे CM मोहन, बोले- यह कोई गढ़ नहीं, यहां सब गड़बड़ है, कोई बचा ही नहीं है Public Live

0
60

कमलनाथ के गढ़ में बरसे CM मोहन, बोले- यह कोई गढ़ नहीं, यहां सब गड़बड़ है, कोई बचा ही नहीं है

PublicLive.co.in

छिंदवाड़ा ।   छिंदवाड़ा से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी बंटी विवेक साहू ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल भी उनके साथ थे। नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री ने चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि छिंदवाड़ा कोई कांग्रेस का गढ़ नहीं है बल्कि यहां सब गड़बड़ है। कोई बचा ही नहीं है। छिंदवाड़ा के दशहरा मैदान में आयोजित चुनावी रैली में डॉ. यादव ने कहा कि वे (कमलनाथ) छिंदवाड़ा में सांसद तो बनते रहे, लेकिन कभी छिंदवाड़ा के बच्चों को सांसद बनने का मौका नहीं मिला। छिंदवाड़ा में जो आए, वह कुंडली मारकर ऐसे बैठ गए कि उठने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। जिनमें कोई दम ही नहीं है, वैसे ही बे-दम हैं। वे (कमलनाथ) कहते हैं कि ‘हम तो हनुमान भक्त हैं।’ अगर वह हनुमान भक्त हैं तो जामसांवली के हनुमान जी बुला रहे हैं। एक ईंट ही लगा देते। केंद्र में मंत्री रहे, प्रदेश में मुख्यमंत्री रहे, कौन-सा पद आपको नहीं मिला? आज भी छिंदवाड़ा में केवल भावुकता के आधार पर बेवकूफ बनाने का खेल चल रहा है। सीएम ने कहा, 40 साल बाद भी रोना पड़े तो डूब मरो। रोकर क्यों वोट मांग रहे हो। जो रोने वाला है, वह रोता ही रहेगा। पहले जनता को बेवकूफ बनाकर मुख्यमंत्री बन गए। आपने क्या दिया है छिंदवाड़ा मॉडल में? हेलीकॉप्टर लेकर आए तो उसे अपने घर में ही उतारोगे। राजा-महाराजा 1947 में चले गए, ये नए राजा-महाराजा आ गए। जनता सब जानती है। जो हवा में उड़ता है, जनता उसको हवा में उड़ाना भी जानती है। इनको जमीन में भी जगह नहीं मिलेगी। ये कहते हैं, समय नहीं मिला। 13 महीने की सरकार उनकी थी और तीन महीने की सरकार हमारी है। तीन महीने की सरकार में हमने हेलीकॉप्टर की सर्विस ली तो उसे घूमने के लिए नहीं। हमने कहा, प्रदेश के अंदर किसी भी गरीब आदमी का बच्चा, मां, बूढ़ा, बुजुर्ग बीमार है। उस हॉस्पिटल में अच्छे इलाज का इंतजाम नहीं है तो उसके लिए कलेक्टर से संपर्क करके डॉक्टर के माध्यम से बड़े से बड़े अस्पताल में ले जाने के लिए एयर एम्बुलेंस के लिए हेलीकॉप्टर हमने अपनी तरफ से की।

गोशाला के लिए हमने खर्च बढ़ाया

डॉ. यादव ने दावा किया कि गौशाला के लिए हमारी सरकार ने निर्णय किया कि कोई गाय सड़क पर तड़पते हुए पड़ी नहीं रहेगी। उसके लिए एंबुलेंस लगाए। जो गौशालाएं चल रही है, उनका अनुदान डबल कर दिया। पहले हम प्रति गाय के रूप में 20 रुपये देते थे। अब हम उसे बढ़ाकर 40 रुपये कर दिए। छिंदवाड़ा में जब मैं उच्च शिक्षा मंत्री बनकर आया था, तो हमने विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय किया। इन्होंने (कमलनाथ जी) वोट के लिए घोषणा की थी कि एग्रीकल्चर, हॉर्टीकल्चर कॉलेज बनाएंगे। इन्होंने न कॉलेज एग्रीकल्चर बनाया और न हॉर्टीकल्चर कॉलेज। अगले साल से इसी विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर और हॉर्टिकल्चर की पढ़ाई होगी, परीक्षा भी यहीं होगी। 

जिनके पैर दबाते थे, वह सब जमानत पर हैं

डॉ. यादव ने कहा कि आप (कमलनाथ) जिनके घर पर जाकर पांव दबाते थे, आज वो सभी जमानत पर है। आप राहुल गांधी हो, प्रियंका गांधी हो, सोनिया गांधी हो या केजरीवाल हो, कानून सबके लिए बराबर है। सारे बेईमान जमानत पर हैं। हम भगवान श्रीराम को मानने वाले लोग हैं, हम रामराज्य लाना चाहते हैं। जो जेल जाने के रास्ते पर खड़े हैं वो हाय मोदी, हाय मोदी, बचाओ मोदी, बचाओ मोदी चिल्ला रहे हैं। जैसा कर्म करोगे, वैसा पाओगे, जो बोया है वही काटोगे। हम रामराज लाना चाहते हैं और राम राज की पहली शर्त, कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। आपने लोगों को मूर्ख बनाया, भगवान राम के नाम पर हिंदू-मुसलमान को लड़ाया।

 

Previous articleकंगना रनौत के मामले में कांग्रेस नेताओं के बयान पर सिंधिया बोले- जनता चार जून को दे देगी जवाब Public Live
Next articleहोलीकोत्सव के आयोजन पर दी गई मनमोहक प्रस्तुतियां Public Live
समाचार सेवाएं समाज की अहम भूमिका निभाती हैं, जानकारी का प्रसार करने में समर्थन करती हैं और समाज की आंखों और कानों का कार्य करती हैं। आज की तेज गति वाली दुनिया में ये समय पर, स्थानीय और वैश्विक घटनाओं के बारे में समय पर सटीक अपडेट्स के रूप में कार्य करती हैं। ये सेवाएं, चाहे वे पारंपरिक हों या डिजिटल, घटनाओं और जनजागरूकता के बीच का सेतु बनाती हैं। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स के आगमन के साथ, समाचार वितरण को तत्काल बनाए रखने का सुनहरा अवसर है, जिससे वास्तविक समय में बदला जा सकता है। हालांकि, गलत सूचना और पक्षपात जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जो सत्यापनीय पत्रकारिता की महत्वपूर्णता को अधीन रखती हैं। सत्य के परकी रखने वाले रूप में, समाचार सेवाएं केवल घटनाओं की सूचना नहीं देतीं, बल्कि जानकारी की अखंडता को भी बनाए रखती हैं, एक जागरूक और लोकतांत्रिक समाज के लाभ में योगदान करती हैं।