खंडवा में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा, पहले हम शस्त्रों का आयात करते थे अब निर्यात करने वाले देश बना

0
2


खंडवा ।   2014 के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के रास्ते पर तेज गति से काम हुआ है। इसके पहले इतने कम समय में इतनी बड़ी सफलताएं हमें नहीं मिली। पहले हम आयात करने वाले देश थे अब शस्त्रों का निर्यात करने वाले देश बन चुके हैं। हमारी सीमाओं पर जितने भी एयरपोर्ट हैं वह आज सौ प्रतिशत आपरेशनल हैं। आने वाले 50 साल की जरूरत के अनुसार उनका कार्य पूरा हुआ है। रक्षा के क्षेत्र में हमने 209 वस्तुओं के आयात पर रोक लगाई। लेकिन हम उन्हें नहीं बनाएंगे तो यह देश के लिए मुसीबत हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अनुसंधान के क्षेत्र में जो भी काम करता हो सरकार मदद करें। उसी का परिणाम है कि आज हमारी रक्षा कंपनियों ने 29 पेटेंट हासिल किए हैं। अब हम दुनिया की प्रतिस्पर्धा में छाती तान कर खड़े हैं। यह बात कुशाभाऊ जन्मशताब्दी महोत्सव के दौरान मंगलवार को खंडवा पहुंचे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कही। शहर के रविंद्र भवन में आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने संबोधित किया। जन्मशताब्दी महोत्सव में रक्षा के विषय पर संगोष्ठी आयोजित करने पर मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का आभार भी माना। केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा 2016 के बाद चाइना बार्डर पर भी सभी एयरपोर्ट फंग्शनल हो गए व मिसाइल भी लग गई थी। 2016 के बाद सेना के अधिकारियों को भी मशीनरी का सहयोग सरकार ने दिया है। इसके लिए प्रधानमंत्री का अभिननंदन। देश की आतंरिक सुरक्षा पर भी तेजी से काम हुआ है। पहले पंजाब में अगर आतंकवादी किसी को मारता था तो जश्न मनाता था। अब अगर किसी को मारता है तो कुछ घंटों के बाद वह भी मारा जाता हैं। इन गतिविधियों में प्रतिपक्ष की कमजोरी है यह मैं मानता हूं। सीमावर्ती राज्यों को लेकर भारत सरकार हमेशा सतर्क रहती है। यह आज का भारत है। हमारी सुरक्षा मजबूत है कि हम सीमा पर तो सुरक्षित हैं ही इसके अलावा हम अन्य देशों को भी सुरक्षा देने की स्थिति में हैं। आयोजन की अध्यक्षता कर रहे राजेश डोंगरे ने कुशाभाऊ ठाकरे के जीवन वृतांत को सुनाया। आयोजन के दौरान खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा, पंधाना विधायक राम दांगोरे, जिला अध्यक्ष सेवादास पटेल, राजेश तिवारी, दिनेश पालीवाल, यशदीप चौरे सहित अन्य लोग मौजूद थे।

रक्षा के बारे में नजरिया हुआ व्यापक

मंत्री ने कहा रक्षा के आने वाली पीढ़ी रक्षा के क्षेत्र में नाम रोशन करेगी। रक्षा के बारे में अनुसंधान के लिए प्रेरित करना जरूरी। भारत विश्व गुरु के पद पर पहुंचे इस संकल्प के साथ सभी काम कर रहे हैं। आज वह दिन हमारे सामने है। जिन लोगों ने यह धौस बताई थी कि हमारे बगैर आपकी सुरक्षा बनी नहीं रह सकती। जब रूस से डीजल व पेट्रोल लेने की अनुमति ली थी तब अमेरिका ने कहा था कि अगर चीन हमला करेगा तो आपकी मदद कौन करेगा। भारत का जवाब था कि हमें किसी बैसाखी की जरूरत नहीं, हम हमारी सुरक्षा करने में सक्षम हैं।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here