चादर, बिस्तर और चाय का किया इंतजाम, रातभर सड़कों पर सो रहे MPPSC के छात्र Public Live

0
15

चादर, बिस्तर और चाय का किया इंतजाम, रातभर सड़कों पर सो रहे MPPSC के छात्र

PublicLive.co.in

भोपाल ।    सोमवार दोपहर में शुरू हुआ एमपीपीएससी (MPPSC) छात्रों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्र रातभर सड़कों पर ही बैठे रहे। छात्रों की मांग है कि प्री परीक्षा के परिणाम आने के बाद मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए मात्र 45 दिन का समय दिया गया है। इतने समय में सिलेबस भी पूरा नहीं हो सकता इसलिए परीक्षा को आगे बढ़ाना चाहिए। मुख्य परीक्षा 11 मार्च से शुरू हो रही है। मंगलवार को दूसरे दिन प्रदर्शन में शामिल होने के लिए इंदौर के आसपास के छात्र भी पहुंचे। छात्रों का कहना है कि पूरे प्रदेश में छह हजार छात्र मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यदि मांग नहीं मानी गई तो हम पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे। 

चादर, बिस्तर, चाय का इंतजाम किया

मंगलवार को छात्रों ने एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर चादर, बिस्तर और चाय का भी इंतजाम कर लिया। छात्रों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती वे कहीं भी नहीं जाएंगे। ऑफिस परिसर के बाहर नॉनस्टॉप नारेबाजी हो रही है। सोमवार को रात में ठंड बहुत थी लेकिन सभी छात्र सड़क पर ही सोए। मंगलवार सुबह छात्रों ने अपने लिए जरूरी सामान का भी इंतजाम कर लिया। 

Previous articleहरदा हादसे के बाद जागी सरकार, इंदौर में पटाखे की पांच फैक्ट्री सील, जांच करने पहुंचे अधिकारी Public Live
Next articleजानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (07 फ़रवरी 2024) Public Live
समाचार सेवाएं समाज की अहम भूमिका निभाती हैं, जानकारी का प्रसार करने में समर्थन करती हैं और समाज की आंखों और कानों का कार्य करती हैं। आज की तेज गति वाली दुनिया में ये समय पर, स्थानीय और वैश्विक घटनाओं के बारे में समय पर सटीक अपडेट्स के रूप में कार्य करती हैं। ये सेवाएं, चाहे वे पारंपरिक हों या डिजिटल, घटनाओं और जनजागरूकता के बीच का सेतु बनाती हैं। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स के आगमन के साथ, समाचार वितरण को तत्काल बनाए रखने का सुनहरा अवसर है, जिससे वास्तविक समय में बदला जा सकता है। हालांकि, गलत सूचना और पक्षपात जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जो सत्यापनीय पत्रकारिता की महत्वपूर्णता को अधीन रखती हैं। सत्य के परकी रखने वाले रूप में, समाचार सेवाएं केवल घटनाओं की सूचना नहीं देतीं, बल्कि जानकारी की अखंडता को भी बनाए रखती हैं, एक जागरूक और लोकतांत्रिक समाज के लाभ में योगदान करती हैं।