जहां होने थे 79 हजार पौधे, वहां नजर आ रही घास Public Live

0
25

जहां होने थे 79 हजार पौधे, वहां नजर आ रही घास

PublicLive.co.in

भोपाल । जिस जगह पर 79 हजार पौधे खडे होना चाहिए था, वहां पर सिर्फ  घास नजर आ रही। पौध रोपण के नाम पर कागजों में दो करोड़ रुपये खर्च हो चुके है। जमीन पर एक पौधा नजर नहीं आ रहा है। यह मामला है वन विभाग में भ्रष्टाचार का।  इंदौर के चोरल फील्ड फायरिंग के बदले कम्पेल में वन विभाग की जमीन पर पौधे लगाया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इन सबकी शिकायत लोकायुक्त तक पहुंच गई है। अब इंदौर रेंज में पौधारोपण से जुड़े कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया है। लोकायुक्त ने अभी तीन लोगों को नोटिस जारी किया है। इस महीने के अंतिम सप्ताह में वन अफसरों को बयान देने जाना है। वैसे यह पौधारोपण सीसीएफ इंदौर ने गोद ले रखा है। कंपेल में 79 हेक्टेयर वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक 227 में 2021-22 के दौरान पौधे लगाए। यह पौधा रोपण स्थल तत्कालीन सीसीएफ एचएस मोहंता ने गोद लिया। दस्तावेजों में यहां दूसरे साल 8 लाख 30 हजार 591 और निदाई-गुड़ाई पर 78 हजार 750 रुपये खर्च किए। लगभग 79 हजार पौधे रोपे गए थे, लेकिन कुछ पौधे नष्ट हो चुके हैं। दो साल में 2 करोड़ 34 लाख रुपये पौधे लगाने से लेकर खाद-मिट्टी, गड्ढे खोदने पर खर्च किए गए। दिसंबर 2023 में सीसीएफ नरेंद्र सनोडिया ने दौरा किया तो कंपेल में पौधों की जगह घास नजर आई। इस पर सीसीएफ काफी नाराज हुए। मामले में डीएफओ ने इंदौर रेंजर, डिप्टी रेंजर, बीट गार्ड को नोटिस दिया। बाद में घास की कटाई करवाई गई। मामला यहीं नहीं थमा। शिकायत पीसीसीएफ महेंद्र सिंह धाकड़ से हुई। पौधारोपण में भ्रष्टाचार पर गंभीरता दिखाते हुए सीसीएफ उज्जैन को जांच सौंपी। मगर महीने भर बीतने के बावजूद उन्होंने जांच नहीं की। शिकायतकर्ता शंकर नाइक ने लोकायुक्त में सारे प्रमाण सौंप दिए। तत्कालीन सीसीएफ मोहंता ने पौधारोपण को गोद लिया। इसके बाद समय-समय पर तत्कालीन डीएफओ नरेंद्र पंडवा भी दौरा करते रहे। मगर उन्होंने इस बारे में कभी वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी नहीं दी। वैसे 2021-22 में पौधे लगाने की जिम्मेदारी डिप्टी रेंजर जगदीश मालवीय को दी। इंदौर रेंजर जयवीर सिंह और एसडीओ केके निनामा में निरीक्षण भी किया। बावजूद इसके व्यय शाखा के क्लर्क यतेंद्र शर्मा ने बिल-वाउचर पास कर दिए। पूरे मामले को अफसरों ने डेढ़ साल तक दबाए रखा। 

Previous articleप्रशासनिक अधिकारियों के तबादले के खिलाफ बड़ा एक्शन, हाईकोर्ट ने रद्द किया तबादला आदेश Public Live
Next articleआम चुनाव से पहले ही वित्त मंत्रालय ने शुरु की पूर्ण बजट की तैयारी Public Live
समाचार सेवाएं समाज की अहम भूमिका निभाती हैं, जानकारी का प्रसार करने में समर्थन करती हैं और समाज की आंखों और कानों का कार्य करती हैं। आज की तेज गति वाली दुनिया में ये समय पर, स्थानीय और वैश्विक घटनाओं के बारे में समय पर सटीक अपडेट्स के रूप में कार्य करती हैं। ये सेवाएं, चाहे वे पारंपरिक हों या डिजिटल, घटनाओं और जनजागरूकता के बीच का सेतु बनाती हैं। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स के आगमन के साथ, समाचार वितरण को तत्काल बनाए रखने का सुनहरा अवसर है, जिससे वास्तविक समय में बदला जा सकता है। हालांकि, गलत सूचना और पक्षपात जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जो सत्यापनीय पत्रकारिता की महत्वपूर्णता को अधीन रखती हैं। सत्य के परकी रखने वाले रूप में, समाचार सेवाएं केवल घटनाओं की सूचना नहीं देतीं, बल्कि जानकारी की अखंडता को भी बनाए रखती हैं, एक जागरूक और लोकतांत्रिक समाज के लाभ में योगदान करती हैं।