दो रामनवमी के बाद प्रभु रामलला के ललाट पर सूर्याभिषेक संभव होगा Public Live

0
18

दो रामनवमी के बाद प्रभु रामलला के ललाट पर सूर्याभिषेक संभव होगा

PublicLive.co.in

अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की 2 दिवसीय बैठक शुक्रवार को मंदिर परिसर में हुई बैठक की अध्‍यक्षता मंदिर निर्माण समिति के अध्‍यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने की। बैठक में मंदिर ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि रामनवमी में इस साल प्रभु रामलला के ललाट पर सूर्यदेव की किरणों से अभिषेक नहीं हो सकेगा। वैज्ञानिकों की टीम के मुताबिक मंदिर के शिखर का निर्माण पूरा होने के बाद ही वे अपना काम शुरू करेंगे। ऐसे में अभी दो रामनवमी के बाद ही प्रभु रामलला के ललाट पर सूर्याभिषेक की व्‍यवस्‍था संभव होगा।

चंपत राय ने बताया कि अगले 18 माह में मंदिर का प्रथम तल, द्वितीय तल, शिखर, परकोटा के अलावा शेषावतार मंदिर, सप्तऋषि मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए बन रहे यात्री सुविधा केंद्र का आधा भाग का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल से श्रद्धालुओं का अयोध्या पहुंचना शुरू हो जाएगा। मंदिर परिसर में 17 अप्रैल को भव्‍य व दिव्‍य राम जन्मोत्सव मनाया जाएगा। राम नवमी पर्व पर यहां एक हफ्ते तक लाखों की संख्या में रामभक्त मौजूद रहेंगे। इस मौके पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, सुगम दर्शन और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि अभी तक सबसे ज्यादा 10 मार्च को लगभग 2.25 लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। वहीं 17 मार्च को लगभग 1.75 लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। सामान्य तौर पर इन दिनों लगभग एक लाख से सवा लाख दर्शनार्थी दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

Previous articleजेएसडब्ल्यू एनर्जी रिलायंस पावर की परियोजना का अधिग्रहण करेगी Public Live
Next articleनगर निगम और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई, सात बूचड़खाने से 60 से अधिक पशुओं को छुड़ाया Public Live
समाचार सेवाएं समाज की अहम भूमिका निभाती हैं, जानकारी का प्रसार करने में समर्थन करती हैं और समाज की आंखों और कानों का कार्य करती हैं। आज की तेज गति वाली दुनिया में ये समय पर, स्थानीय और वैश्विक घटनाओं के बारे में समय पर सटीक अपडेट्स के रूप में कार्य करती हैं। ये सेवाएं, चाहे वे पारंपरिक हों या डिजिटल, घटनाओं और जनजागरूकता के बीच का सेतु बनाती हैं। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स के आगमन के साथ, समाचार वितरण को तत्काल बनाए रखने का सुनहरा अवसर है, जिससे वास्तविक समय में बदला जा सकता है। हालांकि, गलत सूचना और पक्षपात जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जो सत्यापनीय पत्रकारिता की महत्वपूर्णता को अधीन रखती हैं। सत्य के परकी रखने वाले रूप में, समाचार सेवाएं केवल घटनाओं की सूचना नहीं देतीं, बल्कि जानकारी की अखंडता को भी बनाए रखती हैं, एक जागरूक और लोकतांत्रिक समाज के लाभ में योगदान करती हैं।