पठान विवाद में अब संत भी उतरे मैदान में

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भोपाल । शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की आने वाली फिल्म पठान कंट्रोवर्सी में अब संतों की एंट्री हुई है। संतों ने मध्यप्रदेश में फिल्म को बैन करने की मांग उठाई है। अखिल भारतीय संत समिति मप्र के प्रवक्ता महंत अनिलानंद उदासीन ने कहा कि आप मूवी में क्या अश्लीलता दिखा रहे हैं हमें उससे कोई लेना-देना नहीं है। आपत्ति भगवा रंग को लेकर है। अश्लील गाने में भगवा रंग का उपयोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। फिल्म बैन करें या फिर गाना हटाएं। वरना संत समाज उग्र आंदोलन करेगा। टॉकीज में आग लगने और तोडफ़ोड़ की बात भी संतों ने कही। महंत अनिलानंद ने कहा कि फिल्म पठान में हमारे भगवा रंग का अपमान किया गया है। इस रंग को पहनकर अश्लीलता फैलाई गई है। जिस प्रकार का फिल्मांकन भगवा रंग पहनकर किया गया और इस रंग को बेशर्म रंग की संज्ञा दी गई है यह गलत है। बुधवार को साधु-संतों ने इसे लेकर मीटिंग की और चेतावनी दी। इस मौके पर महंत हरिरामदास जी महंत देव गिरी जी आदि संत मौजूद थे।

भगवा रंग साधु-संतों का तपस्या का रंग

महंत ने कहा कि यह रंग साधु-संतों का रंग है त्याग तपस्या का रंग है। यह रंग भगवान के मंदिरों पर लहराने वाले ध्वज का रंग है। इस रंग को देखकर हर सनातन धर्मी प्रणाम करता है और इस रंग के बारे में इस प्रकार का फिल्मांकन संत समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

किसी टॉकीज में रिलीज नहीं होने देंगे

महंत अनिलानंद ने कहा- अखिल भारतीय संत समाज यह चेतावनी देता है कि इस फिल्म में से यह गाने को पूर्ण रूप से हटाया जाए। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से यह मांग करते हैं कि इस फिल्म को मध्यप्रदेश में किसी भी टॉकीज में प्रदर्शित नहीं होने दिया जाए। अगर इस प्रकार से हमारे धारण करने वाले गेरुआ भगवा रंग को अपमानित किया जाएगा तो साधु-संतों को सड़कों पर आकर इसका जवाब देना होगा। हम फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर एक्टर को भी चेतावनी देते हैं कि सनातन धर्म को किसी भी प्रकार से जो अपमानित करने का प्रयास करेगा उसे साधु-संत और सनातन धर्म कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अखिल भारतीय संत समिति सभी सनातनियों से फिल्म के बहिष्कार का निवेदन करती है।

साधु-संतों के साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे

संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि संस्कृति बचाओ मंच शुरू से ही पठान फिल्म का विरोध करता आया है। गृहमंत्री ने भी फिल्म के गाने को लेकर आपत्ति जताई है। इसका स्वागत करते हैं। संस्कृति बचाओ मंच फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर और एक्टरों को भी हम चेतावनी देते हैं। मध्यप्रदेश में फिल्म का प्रसारण न हो। साथ ही स्नढ्ढक्र दर्ज हो। वरना सड़क पर आकर प्रदर्शन करेंगे।






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