पूर्व दिग्गज कप्तान से तुलना करने पर ध्रुव जुरेल ने कहा…… Public Live

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पूर्व दिग्गज कप्तान से तुलना करने पर ध्रुव जुरेल ने कहा……

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विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल की तुलना भले ही महेंद्र सिंह धोनी से की जा रही हो, लेकिन उन्होंने कहा कि कोई भी पूर्व भारतीय कप्तान की बराबरी नहीं कर सकता और वह अपना ध्यान इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी जगह बनाने पर लगायेंगे. हाल में इंग्लैंड के खिलाफ खत्म हुई टेस्ट सीरीज में डेब्यू करने वाले जुरेल ने शानदार विकेटकीपिंग की. उन्होंने बल्ले से भी दमदार प्रदर्शन करते हुए टीम को चौथा टेस्ट मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा को डीआरएस संबंधित फैसले लेने में मदद की. 

गावस्कर ने की थी तारीफ 

जुरेल के टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने उनकी तुलना धोनी से कर दी, लेकिन 23 साल के इस खिलाड़ी को ऐसा नहीं लगता. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मेरी तुलना धोनी सर से करने के लिए शुक्रिया गावस्कर सर. लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से कहना चाहूंगा कि धोनी सर ने जो किया है, वैसा कोई भी नहीं कर सकता.’ इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, ‘धोनी सिर्फ एक ही है. हमेशा थे और हमेशा रहेंगे. मैं सिर्फ ध्रुव जुरेल ही रहना चाहता हूं. जो भी मैं करूं, मैं सिर्फ ध्रुव जुरेल ही रहना चाहता हूं. लेकिन धोनी सर एक महान क्रिकेटर हैं और वह हमेशा ही महान क्रिकेटर रहेंगे.’ 

टेस्ट डेब्यू सपना साकार होने जैसा…

भारत की टेस्ट कैप मिलने से जुरेल का सपना साकार हुआ. उन्होंने इसपर कहा, ‘मुझे अभी तक विश्वास नहीं हो रहा कि मुझे टेस्ट कैप मिली और फिर मैं मैन ऑफ द मैच रहा. टेस्ट खेलना सुखद रहा, जो क्रिकेट का सबसे शानदार फॉर्मेट है. इतना पता था कि किसी दिन टेस्ट क्रिकेट खेलूंगा इसलिये यह मेरे सपने के साकार होने वाला पल था.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं हमेशा टेस्ट खेलना चाहता था. जब मैं अंडर-19 खेल रहा था, तो मेरा लक्ष्य 200 टेस्ट खेलने का था, लेकिन बाद में मुझे महसूस हुआ कि यह संभव नहीं था.’ 

टेस्ट कैप मिलने का एहसास अलग

जुरेल ने टेस्ट क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बीच तुलना को खारिज करते हुए इसे अवास्तविक करार करते हुए कहा, ‘अपनी बात करूं तो आईपीएल से मेरा टेस्ट क्रिकेट के प्रति लगाव कम नहीं हुआ. जब मुझे भारतीय टेस्ट टीम की कैप मिली तो इसका अहसास बिलकुल ही अलग था. दोनों में कोई तुलना नहीं हो सकती. टेस्ट क्रिकेट बिलकुल ही अलग स्तर पर है.’ जुरेल ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के ज्यादा टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को ज्यादा प्रोत्साहन राशि देने के कदम की प्रशंसा की.