भाजपा और कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान… Public Live

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भाजपा और कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान…

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भोपाल/सागर/छिंदवाड़ा/गुना।  मप्र में पहले चरण की छह लोकसभा सीटों पर नामांकन की बुधवार को आखिरी तारीख है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के बीच घमासान तेज होने लगा है। दोनों पार्टियां शक्ति प्रदर्शन में जुट गई हैं। मंगलवार को भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर और गुना से हुंकार भरी, वहीं कांग्रेस ने छिंदवाड़ा में नकुल नाथ के नामांकन में शक्ति प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के बिलहरा में कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान राम और कृष्ण ने अपने चरण रखे, उन स्थानों को तीर्थ बनाया जाएगा। यह काम हमारी सरकार करेगी। वे बिलहरा में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने कहा कि कांग्रेस वाले कहते थे कि लाड़ली लक्ष्मी योजना केवल चुनाव तक रहेगी, बाद में बंद हो जाएगी। पैसे नहीं हैं, इतने पैसे कहां से लाओगो? हमने तब भी कहा था और आज भी कह रहे हैं कि झूठ बोलना भाजपा वालों की पहचान नहीं है। लाड़ली लक्ष्मी योजना न तब बंद हुई, न आज बंद हुई, न अगले चुनाव तक बंद होगी। बहनों के लिए सभी योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति जीओ और जीने दो की है। यह सभी को प्यार करना सिखाती है। इसीलिए दूसरे देश भी हमारी ओर देखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का प्रेम, आत्मीयता और आशीर्वाद ही मेरे जीवन की अक्षय पूंजी है। मेरी प्रिय बहनों, आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण एवं राज्य के विकास तथा जनकल्याण के समस्त संकल्पों की सिद्धि के लिए आपका यह भाई अविराम कार्य करता रहेगा। सागर के बेलहरा में भाई दूज के पावन अवसर पर आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर कैबिनेट साथी गोविन्द सिंह राजपूत और लोकसभा प्रत्याशी, डॉ. लता वानखेड़े समेत अन्य उपस्थित रहे।

वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना के बीनागंज में कहा कि हमारे दो-दो मंत्री नीचे बैठे हैं। मंच पर महिलाएं हैं। ये केवल भाजपा में ही संभव हो सकता है। भाजपा इसी लोक संस्कृति को लेकर चलती है। कांग्रेस में ऐसा होता तो झगड़ा हो जाता कि अच्छा मंत्री नीचे बैठेंगे। जनता पार्टी का नाम लिखने वाले तो बहुत सारे दल हैं, लेकिन भाजपा और उनमें बहुत फर्क है। हम उस संस्कृति को मानने वाले हैं जो होली के बाद भाई दूज मनाते हैं और दीवाली के बाद भी भाई दूज मनाते हैं। भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां महिलाओं को सबसे ऊपर माना है। एक मात्र ऐसा देश है जो माता आधारित है। कभी आपने अमेरिका माता की या रूस माता की सुना? हमने पृथ्वी को भी मां माना है। जितना लाड़-दुलार मां करती है, उतना ही बहन भी करती है। ये हमारी संस्कृति है। दुनिया नहीं समझेगी की रक्षाबंधन क्या है, भाई दूज क्या है। हमने कभी दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी में अन्तर नहीं किया। भारतीय लिखने के पीछे का मकसद यही है कि हम सबको लेकर चलना चाहते हैं। जिस भारत के लिए 10 वर्ष पहले दुनिया की एक अलग सोच थी, आज वह बदल गयी है।

उन्होंने कहा कि हम योजनाएं नहीं, कांग्रेस पार्टी का ताला बंद करेंगे। जिस जगह हम बैठे हैं, वहां अभी कुछ दिन पहले ही आपने छोटे भाई को घर भेजा है। ये तो इंटरवल है। बड़े भाई भगवान राम को जो मर्जी आये कहते हैं, जो अपने मैदान को छोडक़र भागे हैं, वो कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी हैं, जो भोपाल छोडक़र रजगढ़ लोकसभा आये हैं। जिन्होंने राम मंदिर पर प्रश्न उठाये, ऐसे रामधोरी को आप माफ करेंगे क्या। ये भगवान राम को लज्जित करने वाली बातें ये बोलते हैं। अब मोदी जी के साथ राम जी का आशीर्वाद है। दुनिया की कोई ताकत उन्हें सरकार बनाकर नहीं रोक सकती। इन भाईसाहब को अभी भी भगवान राम से कष्ट है। कांग्रेस और कांग्रेस के पूर्वजों ने भगवान राम के स्थल की चिंता नहीं की। हिन्दू-मुसलमान लड़ाने का प्रयास किया।

मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मंगलवार को कांग्रेस के 4 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इनमें छिंदवाड़ा से नकुलनाथ, बालाघाट से सम्राट सिंह सारस्वत, सीधी से कमलेश्वर पटेल और मंडला से ओमकार सिंह मरकाम शामिल हैं। मरकाम बुधवार को फिर पार्टी नेताओं के साथ जाकर पर्चा दाखिल करेंगे। इसी तरह शहडोल से कांग्रेस प्रत्याशी फुंदेलाल मार्कों और जबलपुर से दिनेश यादव भी बुधवार को नामांकन दाखिल करेंगे। पहले चरण के नामांकन फॉर्म जमा करने का बुधवार को अंतिम दिन है। बुधवार 3 बजे तक नामांकन भरे जा सकेंगे। छिंदवाड़ा में नकुलनाथ के नामांकन के बहाने कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। नामांकन रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष भी शामिल हुए। इससे पहले नकुलनाथ ने शिकारपुर के हनुमान मंदिर में दर्शन किए। उनके साथ पूर्व सीएम कमलनाथ, मां अलकानाथ और पत्नी प्रियानाथ भी मौजूद रहीं। दर्शन के बाद वे रैली निकालकर नामांकन भरने पहुंचे। नामांकन दाखिल करने के बाद सभा भी हुईं। नकुलनाथ ने कहा कि नाथ परिवार और छिंदवाड़ा के लोगों का राजनीतिक नहीं, पारिवारिक संबंध है। जब भाजपा की सरकार हमें ताली और थाली बजाने का काम दे रही थी, तब छिंदवाड़ा पूरे मध्यप्रदेश और देश में एक ऐसा जिला था, जहां ऑक्सीजन सिलेंडर और इंजेक्शन की कमी नहीं थी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कहा कि अब वे नेता नहीं, अब तो सिंधिया गद्दार हो गए हैं। जब मैंने सिंधिया से बात की- आप क्या चाहते हो? बोले- मैं लोकसभा चुनाव हार गया, मेरे से 27 नंबर की कोठी छीन ली जाएगी, मैं कहां रहूंगा? सिंघार ने कहा कि एक कोठी के कारण आपने कांग्रेस को धोखा दे दिया। झांसी के लोग ग्वालियर के महाराज को आज भी गद्दार कहते हैं। मुझे भी खरीदने की कोशिश की गई, 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर आया, लेकिन मैं सच्चा आदिवासी हूं, कांग्रेस को नहीं छोड़ा।

सीधी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने मंगलवार को नामांकन जमा किया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी उनके साथ मौजूद थे। नामांकन के बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। कांग्रेस पार्टी के खातों को फ्रिज कर दिया गया है, ताकि वह उन पैसों का उपयोग न करें। हम बिना पैसों के चुनाव लड़ रहे हैं और जीतेंगे।

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