भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार पर होने वाला है बड़ा समझौता Public Live

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भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार पर होने वाला है बड़ा समझौता

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नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच एक बड़ा समझौता हो सकता है। मुक्त व्यापार पर आधारित इस समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक के बीच फोन पर चर्चा हुई है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत ऐसे समय हुई है, जब भारत आगामी लोकसभा चुनाव से पहले ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लगाने की उम्मीद कर रहा है। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और पुख्‍ता करने और पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते के जल्‍द परिणाम के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

बता दें कि पिछले हफ्ते ब्रिटेन की व्यापार मंत्री केमी बडेनोच ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में चुनाव से पहले एफटीए संभव है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनौतीपूर्ण होगा। केमी बडेनोच ने गुरुवार को लंदन के चैथम हाउस में एक वैश्विक व्यापार सम्मेलन के दौरान कहा, वास्तव में हम भारतीय चुनाव से पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। जरूरी नहीं कि ऐसा ही हो, क्योंकि मैं किसी भी चुनाव को समय सीमा के रूप में उपयोग नहीं करना चाहती।इस महीने की शुरुआत में सौदे पर 14वें दौर की वार्ता के दौरान मतभेदों को दूर करने के लिए यूके के वार्ताकारों की एक टीम नई दिल्ली में थी। 13वें दौर की वार्ता 15 दिसंबर, 2023 को इस आशा के साथ आयोजित की गई थी कि इस समय चल रही 14वें दौर की वार्ता में पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता होगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और अन्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोडमैप 2030 के तहत हुई प्रगति पर भी संतोष जताया।बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र समापन की दिशा में हुई प्रगति का सकारात्मक मूल्यांकन किया।दोनों प्रधानमंत्रियों ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई और आगामी होली उत्सव के अवसर पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया।यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब भारत ने रविवार को नई दिल्ली में चार देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ देश में व्यापार और निवेश प्रवाह, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में वृद्धि के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया।

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