अफगान तालिबान को हथियारों की आपूर्ति कर रहा रूस, अमेरिकी सेना के जनरल का दावा

वॉशिंगटन: अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल जॉन निकोलसन ने दावा किया कि रूस अफगान तालिबान को समर्थन दे रहा है और हथियारों की आपूर्ति कर रहा है. बीबीसी को शुक्रवार को दिए साक्षात्कार में जनरल निकोलस ने कहा, “उन्होंने यहां रूस द्वारा ‘अस्थिर करने की गतिविधि’ देखी है और मास्को द्वारा ताजिक सीमा के रास्ते तालिबान को हथियारों की तस्करी की जा रही है.” रूस ने हालांकि सबूतों के अभाव का हवाल देकर पहले भी इन अमेरिकी दावों का खंडन किया है.

ISIS लड़ाकुओं की संख्या बढ़ाने के लिए रूस कर रहा है काम
जनरल निकोलसन ने कहा, “हम एक इतिहास (नैरेटिव) को देखते हैं, जिसका इस्तेमाल यहां इस्लामिक स्टेट के लड़ाकुओं की संख्या को बढ़ाने के लिए किया गया.” उन्होंने कहा, “उस इतिहास का प्रयोग तब तालिबान को कुछ सहायता पहुंचाने और तालिबान के कृत्य को वैध करार देने के लिए रूस ने किया था.” उन्होंने कहा, “हमारे पास तालिबान द्वारा लिखित कहानियां हैं, जो मीडिया में दुश्मनों द्वारा वित्तीय सहायता पहुंचाने के रूप में पेश हुआ है. हमारे पास इस मुख्यालय में लाया गया हथियार है, जो हमें अफगान नेताओं द्वारा यह कहते हुए दिया गया है कि इसे रूस द्वारा तालिबान को दिया गया था.”

रूस ने आरोपों से किया है इनकार
सैन्य प्रमुख ने कहा, “हमें पता है कि रूसी इसमें संलिप्त हैं.” उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस ने अफगान सीमा से लगे ताजिकिस्तान में सिलसिलेवार अभ्यास किया है. उन्होंने कहा, “यह आतंक-रोधी अभ्यास है, लेकिन हमने इससे पहले रूसी पैटर्न को देखा है. वे लोग बड़ी संख्या में हथियार लाते हैं और फिर वहां से चले जाते हैं.” रूस ने इस बीच तालिबान को धन और हथियार मुहैया कराने के आरोप से इनकार किया है, लेकिन स्वीकार किया है कि उसने आतंकवादी समूह से बातचीत की है.

वहीं दूसरी ओर अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी को सख्त लहजे में कहा है कि उनके देश को तालिबान और अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ ‘और कदम उठाने होंगे.’ व्हाइट हाउस ने रविवार (18 मार्च) को यह जानकारी दी. अब्बासी अपनी बीमार बहन को देखने के लिए यहां निजी दौरे पर आए हुए हैं. इसी दौरान अब्बासी ने शुक्रवार (16 मार्च) को पेंस से उनके नेवल ऑब्जर्वेटरी आवास पर मुलाकात की. यह बैठक अब्बासी के अनुरोध पर हुई.

व्हाइट हाउस की ओर से बैठक के संबंध में जारी एक वक्तव्य में कहा गया, ‘‘उप राष्ट्रपति पेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध को दोहराया कि पाकिस्तान सरकार कोअपने देश में सक्रिय तालिबान, हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकी समूहों की समस्या से निपटने के लिए और काम करना होगा.’’ इसमें कहा गया, ‘‘उप राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालने वाले आतंकी समूहों को खत्म करने के उनके प्रयास जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ मिलकर काम कर सकता है और उसे ऐसा करना चाहिए.’’

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