नरेश अग्रवाल ने जाते-जाते पीएम मोदी के सामने रखी ‘मन की बात’, इशारों-इशारों में मांगा टिकट!

नई दिल्लीः यूपी राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से टिकट नहीं दिए जाने के बाद बीजेपी में शामिल हुए नरेश अग्रवाल बुधवार को राज्यसभा से रिटायर हो गए. अपने विदाई भाषण में नरेश अग्रवाल ने सभी दलों की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुये कहा कि कुछ तो है उनमें जिसकी वजह से उन्हें हर दल में स्वीकार कर लिया जाता है. उन्होंने कहा कि मुझमें कहीं ना कहीं कुछ तो चतुराई या अच्छाई रही होगी? नरेश अग्रवाल ने कहा कि मुझे अपने जीवन में कभी विदाई नहीं हुई. क्योंकि मैं जनता के बीच चुनाव लड़ा और जीता. नरेश अग्रवाल ने पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की तारीफ करते हुए उनको धन्यवाद दिया. अग्रवाल ने कहा कि मैंने कई बार उनके (पीएम मोदी-अमित शाह) लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया लेकिन इन सबके बावजूद भी उन्होंने मुझे अपनी पार्टी में शामिल किया.

नरेश अग्रवाल ने कहा कि मैंने जीवन में संघर्ष तो किया लेकिन अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया. जब-जब अपमान हुआ मैंने विद्रोह भी किया, मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं बहुत बड़े राजनीतिक परिवार से नहीं आया हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि मेरी चौथी पीढ़ी राजनीति में हैं. अपने विदाई भाषण के अंत में नरेश अग्रवाल ने बीजेपी से इशारो-इशारों में दोबारा सदन में आने के लिए टिकट की मांग कर डाली. उन्होंने कहा, ‘मैंने तो रिटायर शब्द सीखा ही नहीं है, मुझे जल्दी मौका मिला तो कोई ना कोई सदन में फिर आऊंगा.’ नरेश अग्रवाल के इस बयान के तुरंत बाद सदन में जोर से ठहाके लगे.

नरेश अग्रवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कसा तंज
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने नरेश अग्रवाल पर तंज कसते हुए कहा ,’नरेश अग्रवाल एक ऐसे सूरज हैं, इधर डूबे, उधर निकले, इधर निकले उधर डूबे.’ आगे बोलते हुए आजाद ने कहा, ‘मुझे यकीन है जिस पार्टी में वो गए हैं वह उनकी क्षमता का पूरा प्रयोग करेगी.’

विपक्ष मिस करेगा नरेश अग्रवाल को: आजाद
नरेश अग्रवाल पर चुटकी लेते हुए आजाद ने कहा कि पूरा विपक्ष उन्हें मिस भी करेगा, क्योंकि वह एक ऐसे सांसद रहे हैं जो दिन में करीब 6 बार बोलते थे. हालांकि आजाद के इस बयान पर किसी भी राजनेता ने अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी.

मुस्कुराते दिखें नरेश अग्रवाल
भाषण के दौरान जब गुलाम, नरेश पर चुटकी ले रहे थे, उस वक्त वह मुस्कुराते हुए नजर आए. आजाद के बाद रामगोपाल वर्मा ने भी नरेश अग्रवाल का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. रामगोपाल ने अपने भाषण में कहा कि पार्टी से विदा लेने वाले सांसद या सदस्य जिस राजनीतिक दल के साथ रहना चाहते हैं अपनी निष्ठा से रह सकते हैं.

सपा छोड़ नरेश ने थामा था बीजेपी का दामन
बता दें कि राज्यसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी से नाराज होकर नरेश अग्रवाल ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. उस वक्त खबर आई थी कि सपा की ओर से राज्यसभा का टिकट ना दिए जाने के कारण नरेश अग्रवाल ने पार्टी को अलविदा कह दिया था. बीजेपी में शामिल होने के बाद नरेश अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था, ‘फिल्म में काम करने वाली से मेरी हैसीयत कर दी गई, उनके नाम पर हमारा टिकट कट गया. मैंने इसको भी बहुत उचित नहीं समझा. मैं कोई शर्त पर नहीं आया हूं. कोई राज्यसभा की टिकट की मांग नहीं है.’

ये थी नरेश अग्रवाल की नाराजगी की वजह
नरेश अग्रवाल की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह यह थी कि पिछले काफी समय वे राष्ट्रीय राजनीति में सपा के प्रमुख चेहरे रहे थे. यही नहीं वो राज्यसभा में सबसे ज्यादा मुखर रहे हैं और पार्टी की रीतियों-नीतियों को केंद्रीय स्तर पर उठाते रहे थे. समाजवादी पार्टी में जब अखिलेश बनाम मुलायम की जंग छिड़ी हुई थी तब नरेश अग्रवाल ने खुलकर अखिलेश यादव का साथ दिया था. लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने जया बच्चन को राज्यसभा भेजने का फैसला किया और उनका पत्ता काट दिया गया.

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