उपचुनावों में मिली हार को हमारे खिलाफ लहर मत समझिए: शिवराज सिंह चौहान

भोपाल: महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर काबू पाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा असामाजिक तत्त्वों की सार्वजनिक परेड निकालने को उचित ठहराते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे लोगों का कोई मानवधिकार नहीं होता. चौहान ने शुक्रवार को यहां मीडिया से कहा, ‘‘गुंडों का कोई मानवधिकार नहीं होता है. प्रदेश सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लिप्त इन राक्षसों से जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए सख्ती से निपटेगी.’’

उन्होंने कहा कि लड़कियों को घूरने, फब्तियां कसने वाले और उन्हें घर से बाहर निकलने में मुश्किलें पैदा करने वाले तत्व अपने मानवाधिकार का दावा नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि बलात्कार के 92 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ितों के आसपास के लोग, परिवार या निकट के रिश्तेदार ही होते हैं.

शिवराज ने आगे कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनावों में बीजेपी की पराजय को हमारे खिलाफ विरोधी लहर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि बीजेपी ने विरोधी पार्टी की जीत का अंतर पहले की तुलना में काफी कम कर दिया. ‘‘लेकिन फिर भी हम चुनाव परिणामों का गंभीरता से विश्लेषण कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, “मैं प्रदेश में जहां जाता हूं, वहां मुझे जनता की अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है. वे मुझे प्यार करते हैं और प्रदेश सरकार के कार्यो की सराहना करते हैं.”

मध्यप्रदेश के दो शहरों भोपाल और इन्दौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “इस पर हम विचार कर रहे हैं. लोगों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है और इसके लिये सभी प्रयास किये जायेंगे.” मीडिया के लोगों पर हो रहे हमलों पर पत्रकारों द्वारा चिंता जताने पर उन्होंने आश्वास्त किया कि यदि आवश्यकता हुई तो इस मामले में प्रदेश में कानून भी लागू किया जाएगा. इस मुद्दे पर विचार किया जा रहा है. चौहान ने भिंड के टीवी पत्रकार संदीप शर्मा के परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. शर्मा की भिण्ड में 26 मार्च को संदेहास्पद स्थितियों में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी.

प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री रामपाल सिंह की कथित पुत्रवधु की खुदकुशी के मामले में पुलिस कार्रवाई में देरी होने के आरोप पर चौहान ने कहा, ‘‘कानून अपना काम कर रहा है.’’ मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक एजेंसी का गठन करेगी. उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में कृषि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और सरकार किसानों को उनकी उपज की लाभकारी कीमतें दिलाने के लिए प्रयास कर रही है. इस हेतु कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक एजेंसी बनाने की योजना है.’’

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