मिसाल : हनुमान मंदिर पहुंचे यूपी के मंत्री मोहसिन रजा, लगाया भोग, खाया प्रसाद

लखनऊ : यूपी की योगी सरकार के एक मंत्री ने आज हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की मिसाल पेश की है. शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर देशभर के हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, शोभा यात्राएं निकाली गईं और जगह-जगह भंडारे तथा प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया था. ऐसे में योगी सरकार के एकमात्र अल्पसंख्यक मंत्री मोहसिन रजा ने भी अपने परिवार के साथ हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और भगवान बजरंगबली का भोग लगाकर बच्चों को प्रसाद का वितरण किया.

हनुमान मंदिर पहुंचे मोहसिन रजा
मोहसिन रजा लखनऊ के अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे. उनके साथ उनके बेटा-बेटी भी थे. मंदिर में मोहसिन और उनके बच्चों के राम नाम लिखी हुई सिंदुरी चुनरी भी अपने शरीर पर धारण की और माथे पर सिंदुर का टीका लगाया. मंदिर में मोहसिन ने रामभक्त हनुमान की पूजा-अर्चना की और उन्हें भोग भी लगाया. बाद में इस भोग का मंत्री ने मंदिर में मौजूद बच्चों में वितरण भी किया और सभी लोगों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दीं.

अवध के नवाब की माता ने बनवाया मंदिर
बताया जाता है कि अलीगंज के इस मंदिर को अवध के नवाब वाजिद अली शाह की माता आलिया बेगम ने बनवाया था. मोहसिन रजा योगी सरकार में एकलौते मुस्लिम मंत्री हैं और वे अल्पसंख्क मामलों के मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि यह मंदिर उनके पुरखों ने बनवाया था और इस बात का इन्हें गर्व है कि उन्होंने हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए एक बड़ी पहल की थी.

इस मौके पर जब मीडियाकर्मियों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह भारत के नागरिक हैं और हर धर्म तथा मजहब में वे आस्था रखते हैं. उन्होंने कहा कि उनका मजहब भाईचारे का मजहब है. मोहसिन ने कहा कि जहां भाईचारा और आपसी सौहार्द होता है, वे वहां जरूर जाते हैं. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि यह केवल मोदी और योगी राज में ही संभव हुआ है कि जहां सभी धर्मों के लोग आजाद होकर अपने ख्यालों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और खुद को महफूज मान रहे हैं. अलीगंज मंदिर के बाद मोहसिन परिवार के साथ हनुमान सेतु स्थित हनुमान मंदिर भी गए और वहां भी पूजा-अर्चना की.

मुस्लिम ने कराया हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार
फरवरी के महीने में गुजरात के अहमदाबाद के एक मुस्लिम बिल्डर मोईन मेमन ने मिर्जापुर में एक जर्जर हालत में हो चुके हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था. यह मंदिर 500 साल पुराना बताया जाता है. मोईन मेमन ने बताया कि वह इस रास्ते हो कर अक्सर आतेजाते रहते हैं. हनुमान मंदिर लगभग ढहने की कगार पर था. उन्होंने बताया कि मंदिर की दशा देखकर उन्हें पीड़ा होती थी. एक दिन उन्होंने मंदिर के पुजारी से अनुमति लेकर मंदिर का पुनर्निर्माण शुरू करा दिया.

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