मार्च महीने में चीन ने 3 बार लद्दाख में की घुसपैठ, पैंगोंग झील के पास 6 किमी तक अंदर घुसे

नई दिल्ली: डोकलाम के बाद भी चीन अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है और यही वजह है कि वो पूर्वोत्तर में कई जगहों पर लगातार घुसपैठ की कोशिश में लगा रहता है. अरुणाचल प्रदेश में भी कई बार चीनी सेना (पीएलए) ने भारतीय सीमा में दाखिल होने की जुर्रत की है, लेकिन सबसे ज्यादा पीएलए ने लद्दाख में अपने पांव पसारने की हिमाकत की. इंडो तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि चीन ने इस साल मार्च महीने में सबसे ज्यादा बार लद्दाख में घुसपैठ करने की कोशिश की.

इंडो तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने गृह मंत्रालय को जो अपनी रिपोर्ट दी है उस रिपोर्ट के मुताबिक़, चीन ने उत्तरी पेंगोंग झील के पास गाड़ियों के जरिये 27 फ़रवरी, 6 मार्च और 9 मार्च 2018 को घुसपैठ की. आईटीबीपी ने चीन के इस घुसपैठ का विरोध भी दर्ज कराया. पेंगोंग झील के पास 3 जगहों पर चीनी सेना ने घुसपैठ की, जिसमें 6 किलोमीटर अंदर तक चीनी सैनिक घुस आए थे. हालांकि आईटीबीपी के विरोध के बाद चीनी सैनिक वापस लौटे.

गौरतलब है कि भूटान के दावे वाले क्षेत्र डोकलाम में भारतीय सेना द्वारा चीन के निर्माण कार्य को रोकने की वजह से पिछले साल जून में दोनों सेनाएं एक-दूसरे के आमने-सामने आ गई थीं. डोकलाम भारतीय सीमा के काफी नजदीक है, जो इसके पूर्वोत्तर भाग को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है. यह गतिरोध 73 दिनों के बाद 28 अगस्त को समाप्त हुआ था. भारत-चीन के बीच लंबी सीमा तीन क्षेत्रों में विभक्त है. पश्चिमी क्षेत्र लद्दाख और अक्साई चीन के बीच है, मध्य क्षेत्र उत्तराखंड और तिब्बत के बीच है और पूर्वी क्षेत्र तिब्बत को सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से अगल करता है.

हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, अरुणाचल में बनाए PLA के कैंम्प और पोस्ट

बीते 31 मार्च को समाचार एजेंसी एएनआई ने एक के एक तस्वीरें जारी की थी जिसमें यह दिखाया गया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के किबिथु की दूसरी ओर टाटू में चीन ने इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिए हैं. इसमें चीनी सेना (पीएलए) के कैम्प और घर भी शामिल हैं. एक अन्य तस्वीर में यह भी दिखाया गया था कि चीन ने किस तरह से टाटू में दूरसंचार टावर खड़े कर लिए हैं और साथ में ऐसे पोस्ट भी बनाए हैं जहां से वे सर्विलांस उपकरणों के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर नजर बनाए हुए हैं.

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