मनीष सिसोदिया बोले- ‘किसी से इस्तीफा नहीं मांगा गया है, सब अफवाह है’

publiclive.co.in[Edited by Ranjeet]
आम आदमी पार्टी ने अपने विधायक अलका लांबा और सोमनाथ भारती के इस्तीफे की खबर को अफवाह करार दिया है. बता दें कि आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिये गये ‘भारत रत्न’ सम्मान को वापस लेने की मांग संबंधी विधानसभा में पेश कथित प्रस्ताव का विरोध करते हुए शुक्रवार को कहा था कि वह विधायक पद से इस्तीफ़ा देने जा रही हैं. इसके बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी ने अलका लांबा से इस्तीफा देने को कहा है. लेकिन सारे मामले पर विवाद बढ़ता देख खुद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया सामने आए और उन्होंने किसी भी नेता के इस्तीफे से इंकार किया है.

पार्टी ने कहा है कि किसी भी विधायक को इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘किसी से भी कोई इस्तीफा नहीं मांगा गया है. ये सब अफवाह हैं.’ मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमारा कोई ऐसा विचार नहीं है कि पूर्व पीएम राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिया जाए.

डिप्टी सीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘कल जो विधानसभा में रिजोल्यूशन पास हुआ उसके बाद जो बात हो रही है. हमारा मुद्दा 1984 में जो नरसंहार हुआ उसमें पीड़ितों को न्याय दिलवाना है. इसी मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा हुई. उस समय मैं वहां मौजूद नहीं था. इस बारे में सौरभ भारद्वाज आपके बीच सारी बात रखेंगे’

सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘दो दिन के सत्र में चर्चा का प्रपोजल मैंने रखा था. उसमें आखिरी जो वक्ता थे वो जरनैल सिंह थे. जरनैल सिंह से पहले सोमनाथ भारती अपना वक्तव्य रख रहे थे. उसमें उन्होंने पूर्व पीएम राजीव गांधी के बारे में कुछ वाक्य कहे थे. इसके बाद जरनैल सिंह को रिजोल्यूशन पढ़ना था, जिसकी कॉपी पहले से सब विधायकों के पास थी. उस रिजोल्यूशन के अंदर राजीव गांधी के बारे में कोई बातें नहीं थी. लेकिन सोमनाथ भारती ने स्वयं के पास मौजूद कॉपी में एक वाक्य लिखा था जिसे उन्होंने जरनैल सिंह को दे दिया. जरनैल सिंह जब रिजोल्यूशन पढ़ा तो उन्होंने उस वाक्य को भी पढ़ दिया जिसमें सोमनाथ भारती ने राजीव जी के बारे में कुछ लिखा था.’

सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘जो वाक्य पूर्व पीएम के बारे में कहा गया है वह रिजोल्यूशन का हिस्सा नहीं है, वह एक प्रपोजल के रूप में है. कई और विधायकों ने इसमें संशोधन पेश किया था लेकिन जो सदन में पास हुआ है उसमें ऐसा कुछ भी नहीं है.

बता दें कि अलका लांबा ने शुक्रवार को मीडिया को बताया था “मैं इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करती हूं. विधानसभा में इस प्रस्ताव को पेश किए जाने पर मैं सदन से बाहर आ गई. बाद में जब मुझे यह प्रस्ताव पारित होने की जानकारी मिली तो मैंने इस पर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से बात की.”

उन्होंने बताया, “केजरीवाल ने मुझसे विधायक पद से इस्तीफ़ा देने को कह दिया है. इसलिए मैं पार्टी प्रमुख के आदेश का पालन करते हुए इस्तीफ़ा देने जा रही हूं.” लेकिन आज अलका ने अपने इस्तीफे से इंकार कर दिया.

शुक्रवार को अलका ने ट्वीट कर कहा था, ‘‘आज दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी को दिया गया भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिए, मुझे मेरे भाषण में इसका समर्थन करने के लिये कहा गया, जो मुझे मंजूर नहीं था, मैंने सदन से वॉकआउट किया. अब इसकी जो सजा मिलेगी मैं उसके लिये तैयार हूं.’’

लांबा ने कहा कि किसी व्यक्ति को किसी एक कार्य के लिये भारत रत्न नहीं मिलता है. देश के लिए जीवन पर्यन्त उल्लेखनीय कार्यों के लिए यह सम्मान दिया जाता है. इसलिए किसी एक वजह से भारत रत्न वापस लेने की बात का समर्थन करना उचित नहीं है.

उन्होंने कहा, “राजीव जी ने देश के लिए क़ुर्बानी दी है, इस बात को नहीं भुलाया जा सकता है.”

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