हनीट्रैप की रूपा गिरफ्तार:2 घंटे घर के बाहर लगाई घात, माता-पिता पर दबाव बनाया तो आरोपी रूपा को घर बुलाया, आते ही दबोचा, भाई के पास पिस्टल व कारतूस मिले

फाइल फोटो  - Dainik Bhaskar

बहुचर्चित हनीट्रैप मामले की मास्टर माइंड आरती दयाल की साथी आरोपी रूपा अहिरवार दो साल से फरार थी। उसे इंदौर एसटीएफ की टीम ने छतरपुर जिले के ग्राम पनौठा से गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी रूपा के भाई के पास से पिस्टल व कारतूस बरामद हुए। इस कारण एसटीएफ रूपा के साथ उसके भाई अजय को भी साथ लेकर गई है।

सूचना के अनुसार आरोपी रूपा अहिरवार निवासी पनौठा हनीट्रैप मामले में पिछले दो साल से फरार थी। इंदौर एसटीएफ आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। लेकिन रूपा पकड़ में नहीं आई। इसी बीच इंदौर एसटीएफ को आरोपी रूपा के अपने गांव में होने की खबर मिली। जानकारी मिलते ही मंगलवार को एसटीएफ टीम पनौठा पहुंच गई। यहां आरोपी रूपा के इंतजार में घर के बाहर करीब दो घंटे तक एसटीएफ टीम घात लगाए बैठी रही।

इसके बाद टीम ने घर में दबिश दी। घर में आरोपी रूपा के माता-पिता और भाई मिला। रूपा घर में नहीं थी। इस पर टीम ने आरोपी के माता-पिता पर दबाव बनाया और रूपा को बुलाने का बोला। इस पर पिता ने रूपा को फोन लगाकर घर बुलाया। आरोपी रूपा जैसे ही घर पहुंची टीम ने घेराबंदी कर धरदबोचा। वहीं कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपी रूपा के भाई अजय अहिरवार के कब्जे से पिस्टल व कारतूस जब्त किए। कार्रवाई कर इंदौर एसटीएफ आरोपी रूपा और उसके भाई अजय को साथ लेकर इंदौर गई है।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस को दी जानकारी

रूपा अहिरवार की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ दो सालों से परेशान थी। रूपा लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी। वह अपने गांव भी आती थी। गांव आने की सूचना पर एसटीएफ पहले भी कई बार दबिश दे चुकी थी। पर रूपा हर बार बच निकलती थी। इसी के चलते मंगलवार को इंदौर एसटीएफ टीम ने गोपनीय रूप से कार्रवाई की। स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की सूचना नहीं दी। टीम पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना एसटीएफ टीम ने दी। ईशानगर थाना प्रभारी दीपक यादव ने बताया आरोपी रूपा अहिरवार को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान वे पनौठा गांव में मौजूद थे, लेकिन वे कार्रवाई में शामिल नहीं रहे।

आरती के साथ भोपाल पहुंची, वीडियो बना करती थी ब्लैकमेल

आरोपी रूपा ग्राम पनौठा के वीर अहिरवार की बड़ी बेटी है। पिता ने रूपा का विवाह वर्ष 2012 में इटारसी में कराया था। कुछ दिनों तक ससुराल में रहने के बाद उसने ससुराल से किनारा कर लिया। छतरपुर मायके लौट आई थी। उसका पति से तलाक हो चुका है। ससुराल छोड़ने के बाद कुछ साल पहले वह देरी रोड स्थित बीड़ी मजदूर काॅलोनी में रहने लगी थी। यहीं से वह हनीट्रैप की मास्टरमाइंड आरती दयाल के संपर्क में आई। आरती अपने साथ रूपा को भी भोपाल ले गई। आरती से जुड़ने के बाद रूपा भी उसकी ब्लैकमेलिंग में मदद करने लगी। रूपा ने आरती के लिए कई लोगों के साथ उसके वीडियो बनाएं।

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