केदारनाथ की पूर्व MLA का छलका दर्द, कहा-BJP कार्यकर्ताओं के बगावती तेवरों ने उन्हें हार का रास्ता दिखाया

पत्रकार मिलन संगोष्ठी में पूर्व विधायक शैलारानी रावत ने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा भारी बहुमत से जीत हासिल करने में सफल रही, जबकि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नौ विधायकों में सिर्फ दो विधायक ही चुनाव हारे. इनकी हार का कारण भाजपा कार्यकर्ता रहे. 

हरेंद्र नेगी/रुद्रप्रयाग: कांग्रेस छोड़कर वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा से केदारनाथ विधानसभा प्रत्याशी शैलारानी रावत का पत्रकारों के सामने दर्द छलक उठा. उन्होंने हार के लिए अपनों को जिम्मेदार ठहाराया. उन्होंने कहा कि उनकी नैया अपनों ने ही डुबोई. कांग्रेस को छोड़कर वह भाजपा में शामिल हुई और भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही उन्हें हार का मुंह दिखा दिया, जिस कारण कांग्रेस को जीत हासिल हुई. ऐसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ पार्टी को अभी से निर्णय लेकर कार्यवाही करनी चाहिए.

पत्रकार मिलन संगोष्ठी में पूर्व विधायक शैलारानी रावत ने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा भारी बहुमत से जीत हासिल करने में सफल रही, जबकि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नौ विधायकों में सिर्फ दो विधायक ही चुनाव हारे. इनकी हार का कारण भाजपा कार्यकर्ता रहे. भाजपा कार्यकर्ताओं के बगावती तेवरों ने उन्हें हार का रास्ता दिखा दिया. यदि पूर्व विधायक आशा नौटियाल पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ती तो ऐसी स्थिति सामने नहीं आती. इसके साथ ही चुनाव के समय तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया. ऐसे में उनकी हार हुई और कांग्रेस प्रत्याशी को इसका सीधा फायदा मिल गया. 

‘मंथन करने की जरूरत’
उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और वे भी दावेदारी पेश कर रही हैं. पार्टी हाईकमान को अभी से मंथन करने की जरूरत है कि जो कार्यकर्ता बगावती तेवर अपनायेंगे, उन्हें पहले से ही सख्त किया जाय. उन्होंने कहा कि पार्टी जिस भी कार्यकर्ता को टिकट देगी, कार्यकर्ताओं को उस प्रत्याशी के लिए जीजान से जुटना होगा. तभी भाजपा की जीत हो पाएगी. पार्टी का जो आदेश होगा, उसे स्वीकार करना होगा. पार्टी में अनुशासनहीनता नहीं होनी चाहिए.

कैंसर जैसी बीमारी को दे चुकीं हैं मात 
शैलारानी रावत ने कहा कि केदारनाथ विधानसभा का विकास रसातल पर चला गया है, जिसका दर्द उन्हें सता रहा है. वे जब तक राजनीति में रहेंगी, तब तक जनता की सेवा करेंगी. कैंसर जैसी बीमारी को मात देकर लौटी पूर्व विधायक ने कहा कि जब वह केदारनाथ विधानसभा से विधायक थी, उस दौरान क्षेत्र की जनता में काफी उत्साह था. हर वर्ग का विकास होने के साथ ही क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यो की आधारशिला रखी गई, मगर इन साढ़े चार सालों में क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य नहीं हुए हैं.जनता त्राहिमाम त्राहिमाम जैसी स्थिति में जीवन यापन करने को मजबूर है.

‘पीएम मोदी की आंखों में दिखा दर्द’
बीजेपी नेत्री ने कहा कि उनके मन में क्षेत्र के लिए जो भाव हैं, उन भाव को लेकर वे जनता के बीच जा रही हैं.  इस बार जनता का समर्थन उनके साथ है. जनता समझ चुकी है कि अब उन्हें क्या करना है. दीपावली के समय केदारनाथ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जब यह पता चला कि जिस केदारनाथ को वे संवार रहे हैं, उस विधानसभा से ही उनका विधायक नहीं है. इसका दर्द भी पीएम मोदी की आंखों में देखा गया

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