चंद्र ग्रहण कुछ ही देर में हो रहा शुरू, जानें भारत में कब से कब तक लगेगा

सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण कुछ ही देर में लगने जा रहा है. यह 2021 का आखिरी चंद्र ग्रहण है, जो पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा. इस आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे 2 मिनट होगी. इससे पहले 18 फरवरी, 1440 को इतनी लंबी अवधि का आंशिक चंद्र ग्रहण हुआ था. अब इतनी लंबी अवधि का आंशिक चंद्र ग्रहण 8 फरवरी, 2669 को लगेगा.

साल 2021 के आखिरी चंद्र ग्रहण का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. ये चंद्र ग्रहण अपने साथ एक बेहद खास संयोग लाया है. आज के आंशिक चंद्र ग्रहण को 1000 सालों में लगने वाला सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण माना जा रहा है. हालांकि, ये आंशिक चंद्र ग्रहण है जिसकी वजह से सूतक मान्य नहीं होगा और ये भारत के बहुत कम हिस्सों से ही दिखाई देगा. वाराणसी भारतीय हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष का अंतिम और सबसे लंबी अवधि का चंद्र ग्रहण कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा शुक्रवार दिनांक 19 नवंबर 2021 को दोपहर 12:48 से प्रारंभ होगा और सायंकाल 4:17 पर समाप्त होगा. चंद्र ग्रहण की मुख्य अवधि 3 घंटे 28 मिनट और 24 सेकंड होगी. आइए आपको बताते हैं इस अनोखे चंद्र ग्रहण से जुड़े लाइव अपडेट.

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण देखने का सभी को इंतजार है. इस आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे 2 मिनट होगी. इससे पहले 18 फरवरी, 1440 को इतनी लंबी अवधि का आंशिक चंद्र ग्रहण हुआ था. अब इतनी लंबी अवधि का आंशिक चंद्र ग्रहण 8 फरवरी, 2669 को लगेगा. हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण का समय दोपहर 12:48 से प्रारंभ होगा. चंद्र ग्रहण सायंकाल 4:17 पर समाप्त होगा. भारतवर्ष में यह उप छाया ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और इससे संबंधित कोई भी धर्म शास्त्रीय मान्यताएं लागू नहीं होंगी. 

हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का अंतिम और सबसे लंबी अवधि का चंद्र ग्रहण कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा शुक्रवार यानि आज दोपहर 12:48 से प्रारंभ होगा. ये समय नजदीक आ रहा है. चंद्र ग्रहण सायंकाल 4:17 पर समाप्त होगा. चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट और 24 सेकंड होगी. भारतवर्ष में यह उप छाया ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और इससे संबंधित कोई भी धर्म शास्त्रीय मान्यताएं लागू नहीं होंगी. 

आज लग रहे आंशिक चंद्र ग्रहण को वैज्ञानिक 1000 सालों की अवधि में लगने वाला सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण बता रहे हैं. इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया के बाहरी और आंतरिक भाग दोनों से ही होकर गुजरेगा. चंद्रमा पर पृथ्वी की बाहरी छाया करीब 6 घंटे एक मिनट रहेगी जबकि पृथ्वी की भीतरी और गहरी छाया चंद्रमा पर 3 घंटे 28 मिनट के लिए रहेगी. इतनी लंबी अवधि का चंद्र ग्रहण इससे पहले 18 फरवरी 1440 को लगा था और अब अगला ग्रहण 8 फरवरी 2669 को लगेगा. यानी आने वाले कई सालों के लिए भी इतनी लंबी अवधि का चंद्र ग्रहण नहीं लगेगा.

इस ग्रहण की अवधि इसलिए ज्यादा होगी क्योंकि इस वक्त चंद्रमा अपने एपोजी के नजदीक है. एपोजी यानी चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे दूरी पर है. इस दौरान चंद्रमा की गति बेहद धीमी होती है. यानी चंद्रमा पृथ्वी की छाया से भी धीरे-धीरे निकलेगा. ये ग्रहण लगभग पूर्ण चंद्र ग्रहण ही है इसलिए अधिकांश आंशिक चंद्र ग्रहण की तुलना में इस ग्रहण में चंद्रमा पृथ्वी की भीतरी छाया में ज्यादा अवधि तक रहेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help