Hyderpora Encounter पर Mehbooba Mufti ने उठाए सवाल, LG से की माफी की मांग

पीडीपी (PDP) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने हैदरपोरा एनकाउंटर (Hyderpora Encounter) पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के LG मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) से माफी की मांग की है. 

श्रीनगर: पीडीपी (PDP) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के LG मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) को हैदरपोरा एनकाउंटर (Hyderpora Encounter) पर माफी की मांग की है. महबूबा ने कहा कि उन्हें न केवल माफी मांगी जानी चाहिए बल्कि मुठभेड़ में शामिल लोगों को सजा भी मिलनी चाहिए. 

महबूबा ने निकाला विरोध मार्च

महबूबा मुफ्ती ने रविवार को गुपकार रोड पर बने अपने ‘फेयरव्यू’ आवास से राजभवन तक पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध मार्च किया. उन्होंने मांग की कि मुठभेड़ में मारे गए जम्मू के रामबन निवासी आमिर मार्गे का शव परिवार को लौटाया जाए.

LG से की माफी की मांग

महबूबा (Mehbooba Mufti) ने कहा, ‘हैदरपोरा मुठभेड़ (Hyderpora Encounter) में निर्दोष लोग मारे गए. चूंकि उपराज्यपाल एकीकृत कमान के प्रमुख हैं, इसलिए उन्हें मारे गए लोगों के परिजनों से माफी मांगनी चाहिए. इसके साथ ही उन पर आतंकवादी या हाइब्रिड आतंकवादी या आतंकवादियों के सहयोगी होने का धब्बा हटाना चाहिए. उन्हें आमिर का शव लौटाकर परिवार वालों को मुआवजा देना चाहिए और कश्मीर के लोगों से माफी मांगनी चाहिए

पीडीपी अध्यक्ष ने इस एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच के बाद घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. महबूबा ने कहा कि हैदरपोरा एनकाउंटर की इस पूरी घटना पर कई सवालिया निशान हैं.

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‘RSS-BJP के एजेंडा चलाया जा रहा’

महबूबा (Mehbooba Mufti) ने आरोप लगाया कि देश को भाजपा-आरएसएस के एजेंडे पर चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘यहां कोई अधिकार नहीं हैं. उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करके संविधान को रौंद दिया. देश या जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुसार नहीं चल रहा है. इसे भाजपा-आरएसएस के एजेंडे के तहत चलाया जा रहा है, जिसका मकसद अल्पसंख्यकों को कुचलना है. यहां अधिक उत्पीड़न है क्योंकि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य है.’

महबूबा (Mehbooba Mufti) ने कहा, ‘उन्होंने यहां लोकतंत्र का जनाजा निकाला है. वे किसी को बात करने, विरोध करने की इजाजत नहीं देते. सभी दरवाजे बंद कर दिए गए हैं, इसलिए उन्हें इस उत्पीड़न के लिए माफी मांगनी चाहिए.’

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