भगवा से फिर सफेद की जा रही काशी विश्वनाथ के मार्ग की मस्जिद, मौलाना बोले- ‘रंग से नहीं, रातों-रात रंगने से एतराज’

विश्वनाथ मंदिर व दशाश्वमेध तक सभी मकानों और दुकानों को भगवा रंग में रंगे जाने के दौरान बुलानाला इलाके में एक मस्जिद को भी हल्के भगवा रंग में रंग दिया गया था.

संकल्प दुबे/ वाराणसी. विश्वनाथ कॉरीडोर के उद्घाटन से पहले मैदागिन से लेकर विश्वनाथ मंदिर व दशाश्वमेध तक सभी मकानों और दुकानों को भगवा रंग में रंगे जाने के दौरान बुलानाला इलाके में एक मस्जिद को भी भगवा रंग में रंगे जाने का मामला सामने आया था. इसके बाद हंगामा मचा तो प्रशासन हरकत में आ गया और मस्जिद को फिर से सफेद रंगाए जाने का काम शुरू हो गया है. 

जी न्यूज ने इस मस्जिद में पहुंचकर वहां के मौलाना एजाज मोहम्मद से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें आपत्ति रंग बदलने से नहीं, बल्कि बिना अनुमति के रातों-रात इस तरह का काम किए जाने से एतराज है. उनका कहना था कि इससे संदेश गलत गया है और इस तरह के काम नहीं किए जाने चाहिए. मुस्लिमों के साथ-साथ गैर मुस्लिमाें में भी इससे रोष था. यहां की गंंगा जमुनी तहजीब में आपस में सभी मिलजुलकर रहें. यह अच्छा है कि प्रशासन इसे फिर से सफेद रंगाने पर राजी हो गया. 

क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि 3 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे. इसी बड़े आयोजन को ध्यान में रखते हुए विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते की इमारतों को हल्के भगवा रंग से रंगा जा रहा है. वाराणसी विकास प्राधिकरण की ओर से पूूर्व में इस बारे में कारण बताया गया था कि एकरूपता लाने के लिए ऐसा किया जा रहा है. इसी क्रम में  काशी में एक मस्जिद को हल्के गेरुआ रंग दिया गया था, जिस पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी. हालांकि प्रशासन ने रंग तो बदलवाना शुरू कर दिया है पर इसे भगवा रंग मानने  से भी इंकार किया है, जबकि आपत्ति उठाने वाले मुस्लिम पक्ष इसे भगवा व गेरुआ रंग ही मान रहे थे. 

पांच लाख वर्ग फुट में फैला है कॉरीडोर
बात काशी विश्वनाथ कॉरीडोर की करें तो यह पांच लाख वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी लागत लगभग 900 करोड़ रुपये के आसपास है. पीएम मोदी ने मार्च, 2019 में इसका शिलान्यास किया था और अब वे इसका लोकार्पण करने आ रहे हैं. काशी विश्वनाथ विशेष क्षेत्र विकास बोर्ड ने इस काॅरिडोर के पुनर्निर्माण के काम को देखा है. इसके तहत वाराणसी शहर गैलरी, मंदिर चौक, मल्टीपल ऑडिटोरियम, म्यूजियम, गुधौलिया गेट, भोजनशाल, पुजारियों और कर्मचारियों के आवास, वाचनालय जैसी सुविधाएं बनकर तैयार हैं.   

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