RTI एक्टिविस्ट पर बदमाशों ने किया हमला, तोड़ दिए हाथ-पांव; पैरों में ठोंक दीं कीलें

आरटीआई कार्यकर्ता (RTI Activist) अमराराम गोदारा ने शराब माफियाओं की 2 दिन पहले ही शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने कार्यवाही की थी. जानकारी के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम लगातार अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस को जानकारी दे रहा था.

जयपुर/अरुण हर्ष: राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक आरटीआई कार्यकर्ता (RTI Activist) को शराब माफियाओं के खिलाफ शिकायत करना और ग्राम पंचायत में आरटीआई के तहत सूचना मांगना भारी पड़ गया. कुछ अज्ञात बदमाशों ने हमला कर आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम गोदारा के पैरों में कील ठोक दी, जिसका जोधपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.

आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई

आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम गोदारा ने शराब माफियाओं की 2 दिन पहले ही शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने कार्यवाही की थी. जानकारी के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम लगातार अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस को जानकारी दे रहा था. इसके अलावा उन्होंने कुछ समय पहले ही पंचायती राज विभाग में गड़बड़ियों एवं अवैध शराब माफिया को लेकर शिकायत कर कार्यवाही करने की मांग की थी.

बदमाशों ने तोड़ दिए आरटीआई कार्यकर्ता के हाथ-पैर

पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले के गिड़ा थाना इलाके में बीती रात आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम का बदमाशों ने अपहरण करने के बाद जबरदस्त तरीके से पिटाई कर हाथ पांव तोड़ कर अधमरा कर गांव के पास सड़क किनारे फेंक दिया. बदमाशों ने अमराराम के पैरों में कील भी ठोक दी. आरटीआई एक्टिविस्ट अमराराम ने बताया कि जोधपुर से वापस आने के दौरान गांव में उसका अपहरण करके कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट कर की.

मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

कार्यकर्ता की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण व्यास ने राजस्थान के पुलिस महानिदेशक, उदयपुर के आबकारी आयुक्त, बाडमेर जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर मामले में 28 दिसंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है. 

आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित

इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि जानकारी मिलने पर आरटीआई एक्टिविस्ट अमराराम का इलाज पुलिस कस्टडी में करवाया जा रहा है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खुद निगरानी में जोधपुर में इलाज करवा रहे हैं. साथ ही आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित की गई है और कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

एक्टिविस्ट ने पुलिस को दी थी धमकी मिलने की जानकारी

आरटीआई एक्टिविस्ट अमराराम ने एक दिन पहले ही फेसबुक पर लिखा कि मुझे धमकियां मिल रही है. इस बात की मैंने पुलिस को जानकारी भी दे दी है, लेकिन मैं अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा.

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