पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने दहलाया पंजाब! ज़ी मीडिया ने पहले ही किया था सावधान

आरोपी हेड कॉन्स्टेबल गगनदीप लुधियाना कोर्ट में बम लगाने पहुंचा था लेकिन वो खुद ही धमाके की चपेट में आ गया. जांच में पता चला है कि इंटरनेट कॉल के जरिए गगनदीप को कोई निर्देश दे रहा था.

लुधियाना: पंजाब (Punjab) के लुधियाना कोर्ट (Ludhiana Court) में जो दिल दहला देने वाली घटना हुई है उसके पीछे पाकिस्तान (Pakistan) के आतंकियों को हाथ है. ज़ी मीडिया की 5 दिसंबर और 20 दिसंबर की रिपोर्ट में जिस खालिस्तानी आतंकी, गैंगस्टर और तस्कर रिन्दा (Rinda) का नाम आया, दरअसल वो ही लुधियाना कोर्ट में हुए बम धमाके का मास्टरमाइंड है. लुधियाना कोर्ट में धमाके (Ludhiana Court Blast) की साजिश पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा के आतंकी रिन्दा ने रची थी. उसने खन्ना पुलिस के ड्रग केस में बर्खास्त हेड कांस्टेबल गगनदीप सिंह के जरिए धमाका कराया था.

इंटरनेट डोंगल के सिम से हुआ बड़ा खुलासा

बता दें कि 2 साल जेल में रहने के दौरान गगनदीप (Gagandeep) आतंकी रिन्दा के टच में था. उसी के कहने पर 4 महीने पहले जमानत पर बाहर आकर गगनदीप कोर्ट में बम फिट करने पहुंचा था. ब्लास्ट की जगह मिली अधजली इंटरनेट डोंगल के सिम को ट्रैक करने पर खुलासा हुआ कि इस डोंगल से कोर्ट में 13 इंटरनेट कॉल किए गए, जिसमें 4 बम एक्टिवेट करने के लिए हुए. इसी दौरान ब्लास्ट हो गया और बर्खास्त कांस्टेबल गगनदीप मारा गया.

आतंकी रिन्दा को 3 इंटरनेशनल कॉल की गईं

सूत्रों की मानें तो लुधियाना में 23 मोबाइल टॉवर के डंप को खंगाला गया तो वहां से 3 इंटरनेशनल कॉल हुई हैं जो रिन्दा को की गईं. एजेंसियों को शक है कि इसके साथी यूपी, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में हो सकते हैं. वहां पुलिस को अलर्ट किया गया है.

पंजाब का रहने वाला है आतंकी रिन्दा

बता दें कि आतंकी रिन्दा संधू, पंजाब के रोपड़ का रहने वाला है. वो महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर है. रिन्दा इटली के जरिए डेढ़ साल पहले पाकिस्तान भाग गया था. अब रिन्दा बब्बर खालसा के चीफ वधावा सिंह की मदद से पंजाब में आतंक फैलाने की साजिश कर रहा है.जान लें कि आरोपी गगनदीप साल 2019 में 385 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े जाने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था. इसकी अधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है. डीजीपी इसका खुलासा कभी भी कर सकते हैं.

अब सवाल ये उठता है कि भारत में गगनदीप के संपर्क में कौन-कौन था और किसने गगनदीप तक विस्फोटक पहुंचाया था. सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि ब्लास्ट में मारे गए बर्खास्त हेड कॉन्स्टेबल के पास हाई इंटेसिटी वाला विस्फोटक और आईईडी कैसे पहुंचा? पुलिस को उस शख्स की तलाश है जो गगनदीप को इंटरनेट कॉल के जरिए बम एक्टिवेशन की डायरेक्शन दे रहा था. वहीं पुलिस सिम के जरिए मृतक गगनदीप के घर शुक्रवार देर रात पहुंची. गगनदीप के घर सर्च अभियान चलाकर पुलिस ने उसका लैपटॉप और मोबाइल भी बरामद किया है.

इस पूरी घटना को लेकर गृह सचिव ने सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ आंतरिक सुरक्षा पर एक उच्च स्तरीय बैठक की है. जिसमें केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, आईबी के निदेशक अरविंद, एनआईए प्रमुख कुलदीप सिंह, बीएसएफ के डीजी पंकज सिंह समेत एनआईए और एनएसजी के अधिकारी शामिल हुए.

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