22 लाख करोड़ बढ़ सकता है जीडीपी का आकार…

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राजस्व संग्रह और खर्च बढ़ने से चालू वित्त वर्ष में जीडीपी का आकार 22 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 275-280 लाख करोड़ हो सकता है। पहले सरकार का अनुमान 258 लाख करोड़ रुपये था। बैंक ऑफ बड़ौदा ने रिपोर्ट में कहा कि पहले कुल खर्च का अनुमान 39.45 लाख करोड़ था जो बढ़कर 42.7 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। राजकोषीय घाटा 16.6 लाख करोड़ से बढ़कर 19.9 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा, जो बजट के अनुपात में 7-7.1 फीसदी के बीच होगा।

केंद्र सरकार ने 4.36 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च की अनुमति मांगी है। इसमें से 1.11 लाख करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व मिलने से पूरा किया जाएगा। इससे कुल शुद्ध खर्च 3.26 लाख करोड़ रुपये बढ़ेगा। विनिवेश से 40 हजार करोड़ मिल सकता है। बजट में लक्ष्य 65 हजार करोड़ का था। 1.11 लाख करोड़ जो राजस्व से ज्यादा प्राप्त होगा उसमें से 45,000 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास मंत्रालय, 14 हजार करोड़ रक्षा मंत्रालय, 13 हजार करोड़ दूरसंचार मंत्रालय, 10 हजार करोड़ राजस्व विभाग और 19 हजार करोड़ रुपये सड़क एवं परिवहन मंत्रालय खर्च करेगा।

नेशनल एंप्लॉयीज गारंटी फंड (एनईजीएफ) मनरेगा, पीएम आवास जैसी योजना पर 45,000 करोड़ अतिरिक्त खर्च होगा। रेल मंत्रालय 12,000 करोड़, सड़क परिवहन एवं हाईवे मंत्रालय 18,000 करोड़ रुपये और जम्मू एवं कश्मीर तथा पुड्डुचेरी के लिए 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 






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