Friday, June 9, 2023
No menu items!
Homelatest newsCrude Oil: सरकार ने कच्चे तेल पर टैक्स किया जीरो, क्‍या पेट्रोल-डीजल...

Crude Oil: सरकार ने कच्चे तेल पर टैक्स किया जीरो, क्‍या पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा असर?

Crude Oil: सरकार ने कच्चे तेल पर टैक्स किया जीरो, क्‍या पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा असर?

Crude Oil Price: घरेलू कच्चे तेल को लेकर एक बड़ा अपडेट आ गया है। सरकार ने देश में उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर (Windfall Tax) घटाकर शून्य कर दिया है. साथ ही डीजल निर्यात पर शुल्क आधा कर 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में नरमी के साथ यह कदम उठाया गया है. तीन अप्रैल को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) जैसी कंपनियों के जरिए उत्पादित कच्चे तेल पर शुल्क को 3,500 रुपये प्रति टन से घटाकर शून्य कर दिया गया है. इसी तरह विमान ईंधन (एटीएफ) निर्यात पर कर शून्य होगा. टैक्स की नई दरें चार अप्रैल से प्रभाव में आ गई हैं.

कच्चे तेल के दाम में नरमी

रेटिंग एजेंसी इक्रा लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख (कॉरपोरेट रेटिंग) सब्यसाची मजूमदार ने कहा कि 21 मार्च, 2023 को विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) की समीक्षा के बाद कच्चे तेल के दाम में नरमी आई है. उसको देखते हुए शुल्क में कटौती की गई है. उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, ओपेक और उसके सहयोगी देशों के प्रतिदिन 11.6 लाख बैरल अतिरिक्त उत्पादन कटौती की घोषणा के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें अगर आगे भी चढ़ती हैं तो शुल्क दरें फिर बढ़ सकती है.’’

क्या है नई दरें ?

तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) जैसी कंपनियों द्वारा उत्पादित कच्चे तेल पर लगने वाले लेवी को घटाकर 3,500 रुपये प्रति टन (यूएसडी 5.8 प्रति बैरल) कर दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले दो हफ्तों में तेल की औसत कीमतों के आधार पर टैक्स दरों की समीक्षा की जाती है। बता दें कि सरकार 75 डॉलर प्रति बैरल की सीमा से ऊपर मिलने वाली किसी भी कीमत पर तेल उत्पादकों द्वारा किए गए अप्रत्याशित मुनाफे पर कर लगाती है।

साल 2022 में पहली बार पेट्रोल और एटीएफ पर छह रुपये प्रति लीटर (12 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल) और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर (26 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल) का निर्यात शुल्क लगाया गया था।

विमान ईंधन

उस समय, पेट्रोल और विमान ईंधन पर छह रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया था. वहीं डीजल पर 13 रुपये लीटर का शुल्क लगाया गया था. साथ ही घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन अप्रत्याशित लाभ कर भी लगाया गया था. हालांकि, पहली समीक्षा में पेट्रोल पर निर्यात शुल्क हटा दिया गया. वहीं एटीएफ पर शुल्क चार मार्च की समीक्षा में समाप्त कर दिया गया.

पेट्रोल-डीजल की कीमत पर असर

कच्चे तेल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स का असर देश में बिकने वाले पेट्रोल और डीजलों की कीमत पर नहीं पड़ने वाला है। यह टैक्स सिर्फ निर्यात के लिए इस्तेमाल किए गए कच्चे तेल पर लगता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments