झामुमो सरकार पर बीजेपी का हमला…PESA नियमों पर आदिवासियों को गुमराह करने का आरोप, जानें आज का सियासी अपडेट

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बीजेपी ने झामुमो पर PESA कानून पर आदिवासियों से झूठा वादा करने का आरोप लगाया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो पर चुनाव जीतने के लिए पेसा कानून को लेकर झूठा वादा करने का आरोप लगाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पेसा नियमावली लागू करने के लिए हाईकोर्ट से और वक्त मांगना हेमंत सरकार की निर्लज्जता का परिचायक है.

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार शपथ पत्र में नियमावली के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है. यह भी नहीं बताया कि नियमावली किस चरण में है. सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए आदिवासियों और ग्रामीणों की भावना का फायदा उठाया गया है.

कोर्ट के आदेश की अवहेलना सरकार की आदत!
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले साल ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पेसा कानून लागू करने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से इस दिशा में सक्रियता नहीं दिखती.

सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोई भी काम समय पर पूरा नहीं करना और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करना और प्रत्येक सुनवाई में समय की मांग करना इनकी आदत है.

कोर्ट ने पेसा लागू करने की तिथि बताने को कहा
गौरतलब है कि गुरुवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में पेसा कनून पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि पेसा नियमावली लागू करने की तिथि बताएं.

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शपथपत्र के माध्यम से पूरी जानकारी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से कहा कि बालू और लघु खनिज के आवंटन पर लगी रोक हटाई जाए, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया.

इस केस की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी. इस संबंध में आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है. सरकार ने अदालत को बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से पेसा नियमावली का प्रारूप तैयार कर लिया गया है जिसे कैबिनेट की समन्वय समिति के पास भेजा गया था. आपत्ति आई तो संशोधित नियमावली का ड्राफ्ट कमिटी को भेजा गया है.