नकली पिज्जा आउटलेट का उद्घाटन कर घिरे ख्वाजा आसिफ

0
19

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अक्सर ऐसी अतरंगी और हैरान करने वाली घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो देखते ही देखते चर्चा का विषय बन जाती हैं। ताज़ा मामला पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से जुड़ा है, जिन्होंने हाल ही में एक मशहूर अंतरराष्ट्रीय फास्ट फूड चेन पिज्जा हट के नए आउटलेट का बड़े धूमधाम से उद्घाटन किया। फीता काटा गया, तालियां बजीं और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं, लेकिन कुछ ही घंटों में यह जश्न रक्षा मंत्री के लिए भारी बेइज्जती का सबब बन गया।
दरअसल, जिस आउटलेट का उद्घाटन रक्षा मंत्री ने किया था, वह पूरी तरह से फर्जी निकला। जैसे ही उद्घाटन की तस्वीरें वायरल हुईं, असली पिज्जा हट कंपनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक स्पष्टीकरण जारी कर दिया। कंपनी ने साफ तौर पर कहा कि सियालकोट में उनका कोई नया आउटलेट नहीं खुला है और जिस दुकान का उद्घाटन रक्षा मंत्री ने किया है, वह उनके ब्रांड नाम और लोगो का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रही है। कंपनी ने यहाँ तक स्पष्ट किया कि इस फर्जी आउटलेट का उनकी अंतरराष्ट्रीय रेसिपी, गुणवत्ता मानकों और खाद्य सुरक्षा नियमों से कोई लेना-देना नहीं है। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर ख्वाजा आसिफ और सरकार का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक देश का रक्षा मंत्री, जिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, क्या इतना भी जागरूक नहीं है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड और उसके फर्जी कॉपी के बीच अंतर कर सके? पाकिस्तानी नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब देश की अर्थव्यवस्था, कूटनीति और रक्षा व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे संकट में हैं, तब मंत्री महोदय नकली पिज्जा दुकानों का फीता काटने में व्यस्त हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को पाकिस्तान के वर्तमान हालातों का प्रतीक बताया है। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि जब देश में कुछ भी असली नहीं बचा, तो मंत्री भी नकली दुकानों का ही उद्घाटन करेंगे। कुछ लोगों ने तो यहाँ तक कह दिया कि चूंकि देश की स्थिति नकली विकास पर टिकी है, इसलिए मंत्री को भी नकली ब्रांडिंग का शिकार होना पड़ा। इस घटना ने न केवल ख्वाजा आसिफ की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तानी प्रशासन की कार्यप्रणाली और उसकी गंभीरता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, यह मामला पूरे देश में हंसी और आक्रोश का मिला-जुला केंद्र बना हुआ है।

Previous articleट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी
Next articleरंगारेड्डी में 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मारा
News Desk