झारखंड के लिए यह गर्व का क्षण है कि शिक्षा सुधार और नैतिक नेतृत्व के क्षेत्र में चर्चित शिक्षाविद् डॉ. संजीव सिन्हा को विश्वप्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड में आयोजित होने वाले 16वें वर्ल्ड लीडर्स समिट 2026 में भाग लेने का औपचारिक आमंत्रण मिला है। यह सम्मेलन 10 अप्रैल 2026 को केबल कॉलेज के ओ’राइली थिएटर में आयोजित होगा, जिसमें 40 से अधिक देशों के सांसद, राजनयिक और शिक्षाविद् शामिल होंगे। डॉ. सिन्हा का चयन भारत-केंद्रित शिक्षा मॉडल और भ्रष्टाचार-मुक्त नेतृत्व की उनकी सोच के लिए हुआ है, जो झारखंड की बौद्धिक क्षमता को वैश्विक पहचान दिलाता है।
जब किसी राज्य का बेटा विश्व के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंच पर आमंत्रित होता है, तो वह क्षण केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होता — वह पूरे समाज की सामूहिक उपलब्धि बन जाता है। झारखंड के लिए ऐसा ही एक ऐतिहासिक क्षण तब आया है, जब शिक्षा सुधार और नैतिक नेतृत्व के क्षेत्र में चर्चित शिक्षाविद् डॉ. संजीव सिन्हा को विश्वप्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड में आयोजित होने वाले 16वें वर्ल्ड लीडर्स समिट 2026 में भाग लेने हेतु औपचारिक अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण प्राप्त हुआ है।
यह सम्मेलन 10 अप्रैल 2026 को ऑक्सफोर्ड के केबल कॉलेज स्थित ओ’राइली थिएटर में आयोजित होगा, जहाँ दुनिया के 40 से अधिक देशों से चुने हुए सांसद, राजनयिक, शिक्षाविद्, उद्यमी और वैश्विक नीति-निर्माता एक साथ मंच साझा करेंगे।
झारखंड से ऑक्सफोर्ड तक : विचारों की यात्रा
डॉ. संजीव सिन्हा को यह आमंत्रण उनके द्वारा विकसित
भारत-केंद्रित शिक्षा सुधार मॉडल,
भ्रष्टाचार-मुक्त नेतृत्व निर्माण,
और युवाओं के चरित्र विकास आधारित शिक्षा प्रणाली के लिए दिया गया है, जिसे आज राष्ट्रीय शिक्षा विमर्श में एक गंभीर वैकल्पिक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
उनका मानना है कि
“यदि भ्रष्टाचार को समाप्त करना है, तो उसकी शुरुआत राजनीति से नहीं, शिक्षा से करनी होगी।”
इसी विचारधारा ने उन्हें राष्ट्रीय मंच से उठाकर अब वैश्विक मंच तक पहुँचा दिया है।
विश्व की प्रतिष्ठित हस्तियाँ होंगी मंच पर
इस अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में विश्व की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी, जिनमें शामिल हैं:
ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के वरिष्ठ सदस्य
ऑक्सफोर्ड के लॉर्ड मेयर
छह देशों के राजदूत
ब्रिटिश संसद के पूर्व सांसद
तथा मिस वर्ल्ड 2023 जैसी अंतरराष्ट्रीय शख्सियतें
यह सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,
रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण,नवाचार,
लैंगिक समानता
और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्माण पर वैश्विक रणनीति तय करेगा।
झारखंड के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह आमंत्रण?
ऑक्सफोर्ड जैसे विश्वप्रसिद्ध संस्थान से किसी झारखंडी शिक्षाविद् को मिला यह आमंत्रण:
राज्य की बौद्धिक क्षमता का अंतरराष्ट्रीय प्रमाण है
झारखंड के युवाओं के लिए वैश्विक प्रेरणा है
यह दर्शाता है कि छोटे शहरों से भी वैश्विक नेतृत्व उभर सकता है
सम्मेलन की आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका “Red Pages” में डॉ. संजीव सिन्हा का विशेष प्रोफाइल प्रकाशित किया जाएगा तथा उन्हें वैश्विक मंच पर सम्मानित भी किया जाएगा।
स्थानीय समाज में गर्व और उत्साह
इस समाचार के बाद झारखंड के शिक्षा जगत, छात्र समुदाय और सामाजिक संगठनों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। शिक्षकों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है —
“यदि विचार मजबूत हों, तो सीमाएँ छोटी पड़ जाती हैं।”
डॉ. संजीव सिन्हा का ऑक्सफोर्ड आमंत्रण न केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी है,
बल्कि यह झारखंड की बौद्धिक यात्रा का वैश्विक उद्घोष है।
आज जब झारखंड का नाम ऑक्सफोर्ड के मंच से गूँजने जा रहा है,तो यह पूरे राज्य के लिए गर्व, आत्मविश्वास और नई संभावनाओं का संकेत है।

