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नई दिल्ली|पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के हालिया दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. तृणमूल कांग्रेस ने एक दो साल पुरानी तस्वीर को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी नजर आ रही हैं जबकि प्रधानमंत्री कुर्सी पर बैठे हुए दिख रहे हैं|
तृणमूल ने पुरानी तस्वीर दिखाकर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक सार्वजनिक रैली में यह तस्वीर दिखाते हुए प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के पद के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन तस्वीर कुछ और ही दिखाती है. ममता बनर्जी ने कहा, ‘देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति खड़ी हैं और प्रधानमंत्री आराम से कुर्सी पर बैठे हैं. अगर आप राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, तो ऐसा क्यों?’ उन्होंने कहा कि यह तस्वीर बताती है कि असल में कौन राष्ट्रपति का सम्मान करता है और कौन नहीं|
2024 में भारत रत्न सम्मान के दौरान ली गई थी तस्वीर
यह तस्वीर 31 मार्च 2024 की बताई जा रही है. उस दिन राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की थी और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था. उसी दौरान यह फोटो ली गई थी, जिसे अब तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया है|
राष्ट्रपति के दौरे पर ममता बनर्जी की सफाई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति जिस कार्यक्रम में शामिल हुईं, उसका आयोजन राज्य सरकार ने नहीं किया था बल्कि एक निजी संस्था ने किया था. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को उस कार्यक्रम के आयोजन में शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि वे हर चुनाव से पहले ‘वोट की चिड़िया’ की तरह बंगाल आते हैं और राज्य सरकार पर आरोप लगाते हैं|
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में जताई नाराजगी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को दार्जिलिंग में आयोजित इंटरनेशनल संताल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल पहुंची थीं. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आमतौर पर राष्ट्रपति के दौरे पर मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री स्वागत के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि राज्यपाल भी उस समय बदले गए थे और वे भी मौजूद नहीं थे, लेकिन तय कार्यक्रम होने के कारण वह कार्यक्रम में शामिल होने आईं. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी उनकी ‘छोटी बहन’ जैसी हैं और वह नहीं जानतीं कि वह उनसे नाराज हैं या नहीं|
कार्यक्रम स्थल बदलने पर भी उठाए सवाल
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि राज्य प्रशासन ने पहले तय स्थान पर कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं दी. उन्होंने कहा कि नया स्थान ऐसा है जहां लोगों के लिए पहुंचना मुश्किल है और शायद राज्य सरकार आदिवासियों के कल्याण को प्राथमिकता नहीं दे रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘शर्मनाक और अभूतपूर्व’ बताया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाले सभी लोग इससे दुखी हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, जो खुद आदिवासी समुदाय से आती हैं, उनके दर्द और पीड़ा ने पूरे देश को आहत किया है|
केंद्र ने मांगी राज्य सरकार से रिपोर्ट
मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से कार्यक्रम के दौरान हुई कथित लापरवाहियों पर रिपोर्ट तलब की है|

